बाजार और मुख्य सड़कों पर बेजा अतिक्रमण, निकलना मुश्किल हो रहा, सुस्त पड़ी प्रशासन की मुहिम

बाजार की सड़कों सड़कों पर वाहन से चलना मुश्किल हो रहा। अतिक्रमण विरोधी मुहिम पिछले एक-डेढ़ साल से सुस्त पड़ी हुई है। जबकि पूर्व में नगरपालिका ने सर्वे कर कच्चे-पक्के अतिक्रमणों को भी चिन्हित किया था। खुद कब्जों को हटा लेने का नोटिस देकर अधिकारी भूल गए।

By: devendra awadhiya

Published: 25 Sep 2021, 12:58 PM IST

होशंगाबाद. शहर के बाजार एवं मुख्य सड़कों के दोनों किनारों पर बेजा अतिक्रमण फैला हुआ है। इसके कारण सड़कें संकरी हो चुकी है। रोजाना का आवागमन बुरी तरह बाधित होता है। जाम व वाहनों के फंसने के कारण जनता परेशान है। बाजार की सड़कों सड़कों पर वाहन से चलना मुश्किल हो रहा। अतिक्रमण विरोधी मुहिम पिछले एक-डेढ़ साल से सुस्त पड़ी हुई है। जबकि पूर्व में नगरपालिका ने सर्वे कर कच्चे-पक्के अतिक्रमणों को भी चिन्हित किया था। खुद कब्जों को हटा लेने का नोटिस देकर अधिकारी भूल गए। सड़क किनारे दुकानों के बढ़ा लिए गए शेड, सड़कों पर ठेले-टीनशेड, सामान रखकर हो रहे व्यवसाय शहर की टै्रफिक व्यवस्था भी बदहाल चल रही है। इतना ही नहीं बारिश के पहले पानी की निकासी के लिए नालों के पक्के अतिक्रमण-कब्जे भी नहीं हट सके। आईए जानते हैं शहर के बाजार के हाल।

ये है मीनाक्षी चौक
-शहर के सबसे व्यस्ततम चौराहे में शामिल मीनाक्षी चौक पर बेलगाम टै्रफिक के कारण वाहनों की रेलमपेल में निकलना मुश्किल हो रहा। रोड किनारे के फुटपॉथ व पॉथवे पर दुकानों, होटलों के कब्जे हैं। पैदल चलने की जगह ही नहीं बची है। चौराहे पर आए दिन एक्सीडेंट होते हैं। बस-टैक्सी वालों ने इसे अघोषित स्टैंड बना लिया है।
समस्या का हल: चौक की सड़क को दोनों तरफ से अतिक्रमण को हटाकर इसे चौड़ीकर टै्रफिक पाइंट को सक्रिय किए जाने व डिवाइडर, जेब्रा क्रासिंग से आवागमन को सुचारू बनाया जा सकता है। यहां आसपास स्टॉपेज व पार्किंग स्थल बनना चाहिए।

आनंद नगर रोड
-ये है मीनाक्षी चौक से लेकर एनएमवी कॉलेज तिराहे तक की आनंद नगर रोड। यहां दुकानों, हार्डवेयर, निजी अस्पताल-पैथोलॉजी, कोचिंग सेंटर, बैंकों के सामने वाहनों, सामान रखे होने से आवागमन बुरी तरह बाधित होता है। यहां बस व अन्य वाहन की टक्कर से कई लोग घायल हो चुके हैं।
समस्या का हल: इस रोड को टू लेन में बदलने की ठंडे बस्ते में पड़ी योजना को फिर से मूर्त रूप देना होगा। दुकानों-संस्थानों के सामने सड़क किनारे वाहनों को खड़े करने के बजाए खाली पड़ी जगह में पार्किंग स्थल की जरूरत है।

अंबेडकर तिराहा आसपास
-पुराने बस-टैक्सी स्टैंड के पास अंबेडकर तिराहा रोड भी अतिक्रमण की चपेट में है। गैरेज, ऑटोमोबाइल्स, रेडियम दुकानों-टपों के कारण सड़क के चौड़े होने के बाद भी आवागमन बाधित होता है। यहां बस-टैक्सियां सवारियां बैठाने बीच रास्ते पर ही खड़ी कर ली जाती है। समीप ही पेट्रोलपंप होने से भीड़ लगती रहती है, जिससे जाम लग जाता है।
समस्या का हल: इस रोड की गैरज दुकानों, ऑटोमोबाइल्स व अन्य टपों को गैरज लाइन या अन्य जगह से शिफ्ट कर सड़क को चौड़ा किया जा सकता है। क्योंकि समीप के गुप्ता ग्राउंड व रामजीबाबा समाधि पर हर साल मेला लगता है।

मुख्य बाजार-हलवाई चौक
-शहर के मुख्य बाजार में मौरछली चौक से लेकर जयस्तंभ-हलवाई चौक और उससे आगे तारअहाता व इंदिरा चौक इतवारा बाजार व सराफा बाजार-सेठानीघाट रोड पर दोनों तरफ दुकानदार सड़क पर ही सामान रखकर व्यवसाय करते हैं। वाहनों भी सड़क पर ही खड़े किए जाते हैं। सुबह व शाम के समय सड़क पर जाम लग जाता है। दोपहिया वाहन भी निकलने में दिक्कतें होती है। भारी मालवाहक वाहनों की लोडिंग-अपलोडिंग भी सड़क पर की जाती है।
समस्या का हल: बाजार इलाके सड़कों पर से अतिक्रमण को हटाकर वाहनों के लिए अलग से आसपास पार्किंग स्थल बनने चाहिए। क्योंकि रोड चौड़ी करने का कोई ऑप्शन नहीं है।

एकता चौक से सराफा चौक
-एकता चौक से सराफा चौक तक की सड़क पर भी दिनभर जाम की स्थिति बनी रहती है। यहां हॉस्पिटल, बर्तन दुकानों, बैंक, सराफा दुकानों के दोनों तरफ वाहनों के खड़े रहने से लोगों का आवागमन बाधित होता रहता है। यहां भी पार्किग के कोई इंतजाम नहीं है। नर्मदा सेठानीघाट-पर्यटन घाट का यही रास्ता है।
समस्या का हल: यहां रूट को डायबर्ट कर वन-वे ट्रैफिक की व्यवस्था हो सकती है। ताकि एक तरफ से आसानी से वाहनों का आवगमन हो सके। समीप के गुरुप्रसाद स्कूल के पास वाह स्टैंड भी बन सकता है।

इनका कहना है...
अभी सड़कों पर से आवारा मवेशियों को हटाने का नपा की मदद से अभियान चला रहे। इसके बाद सड़क सुरक्षा समिति की बैठक कर अतिक्रमणों को हटाने की रणनीति तैयार की जाएगी।निर्णय के बाद संयुक्त रूप से मुहिम चलाएंगे।
-फरहीन खान, एसडीएम होशंगाबाद

शहर में नपा की अतिक्रमण विरोधी मुहिम कोरोनाकाल के समय से बंद है। छुटपुट शिकायतों पर कार्रवाई करते हैं। कुल कितने अतिक्रमण-कब्जे हैं, यह बताना संभव नहीं है। बाजार में एकता चौक, हलवाई चौक, इतवारा बाजार में ज्यादा दिक्कतें हैं।
-आरसी शुक्ला, सहायक यंत्री नपा होशंगाबाद

devendra awadhiya Reporting
और पढ़े
हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति और कूकीज नीति से सहमत होते हैं।
OK
Ad Block is Banned