Water crisis: यहां गहराया जलसंकट, बूंद-बूंद पानी को तरस रहे लोग

जलसंकट : अप्रेल में 25 से 30 फीट गिरा जलस्तर

By: poonam soni

Updated: 10 Apr 2019, 12:31 PM IST

पिपरिया. भाीषण गर्मी के बीच पेयजल संकट ने ग्राम और शहर में परेशानी बढ़ा दी है। टयूबवैल, हैंडपंप हवा फेंक रहे हैं पेयजल के लिए शहर गांव में पानी को लोग तरस रहे हैं। तेजी से गिरे जल स्तर की वजह से पीएचई में रोजाना एक दर्जन शिकायतें हैंडपंप खराब होने की दर्ज हो रही है। नलकूप खनन प्रतिबंध से जल आपूर्ति की स्थिति बदतर हो गई है। पानी की लगातार बर्बादी और उसके संरक्षण के प्रति लापरवाही के दुष्परिणाम इस साल सामने आने लगे हैं। दर्जनों ग्रामों वार्डों में आसानी से पानी उपलब्ध नहीं हो पा रहा है। जमीन में इतना पानी नहीं बचा कि निर्धारित उत्खनन पर पानी उपलब्ध हो सके।
पिपरिया-बनखेड़ी में महत्वपूर्ण नलजल योजनाओं के काम अधूरे पड़े हैं इसके चलते पानी की ओर परेशानी बढ़ गई है। तहसील कार्यालय, नपा वार्डों में नगरपालिका के टैंकरों से जल आपूर्ति हो रही है। कार्यालयों में कूलर है, लेकिन उनमें पानी भरने के साधन जल स्तर गिरने से बंद पड़े हैं। बीजनबाड़ा, राइखेड़ी, बनवारी, तरौनकलॉ, गांधी वार्ड, लोहिया वार्ड, सरदार वार्ड, नंदबाड़ा सहित अनेक गांव और वार्ड में आसानी से नागरिकों को गर्मी में पानी नहीं मिल रहा है। खेतों और पड़ोसियों के चालू टयूवबैल और वोर से दैनिक पानी की आपूर्ति बमुश्किल हो रही है।
25 से 30 फीट गिरा जलस्तर
पीएचई के अनुसार पिछले साल से जलस्तर 25 से 30 फीट नीचे उतर गया है। नपा क्षेत्र के आधा दर्जन नलकूप फेल हो गए हैं। हैंडपंप के पाइप बढ़ाने की सीमाएं समाप्त होने से हैंडपंप बंद पड़े हैं। 150 से 200 फीट बोर होने पर भी पानी जमीन से बमुश्किल निकल रहा है। अधिकांश हैंडपंप पूर्व में 80 फीट से अधिकतम 100 फीट पर बेहतर पानी की आपूर्ति करते थे। मूंग की खेती के लिए बेतहाशा जमीन से पानी निकाले जाने से भूजल स्तर पताल पहुंच रहा है।
हवा फेंक रहे हैंडपंप
जलस्तर गिरने से प्राइमरी मिडिल कुल 59 स्कूलों में हैंडपंप पानी की जगह हवा फेंक रहे हैं। बीआरसी कार्यालय के अनुसार ब्लॉक के 59 स्कूल में विद्यार्थी स्टॉफ हैंडपंप बंद होने से पेयजल संकट से जूझ रहे हैं। दर्जनों गांव के हैंडपंप बंद है खेतो से कई किमी दूर से ग्रामीण टूयूबवैल से पानी भरकर अपना काम चला रहे हैं। नपा के टैंकर शहर और गांव में दिन भर पानी सप्लाई कर रहे हैं।
पीएचई में रोज आ रहीें एक दर्जन शिकायतें
पीएचई के अनुसार पिपरिया बनखेड़ी में करीब 2 हजार सरकारी हैंडपंप हैं। इनमें से करीब पांच सौ हैंडपंप जल स्तर गिरने से बंद हो चुके हैं या कम पानी फेंक रहे हैं। विभाग में रोजाना एक दर्जन हैंडपंप खराब होने की शिकायते पहुंच रही हैं। अनेक गांव में एक भी हैंडपंप नहीं बचा है यहां पीएचई गहरीकरण कर मोटर लगाकर लोगों को पानी पहुंचाने में लगी है।
नागरिकों में आक्रोश
निजी बोर करवाने पर लगे प्रतिबंध से नागरिकों में आक्रोश है पुराने बोर बंद होने पर लोग नया बोर करवाना चाहते हैं लेकिन प्रशासनिक प्रतिबंध से मजबूर है। प्रशासन को ग्राम शहर के अत्यधिक जल प्रभावित क्षेत्रों का चिन्हांकन कर यहां विशेष अनुमति देकर बोर उत्खनन करवाना चाहिए ताकि दैनिक पानी की आपूर्ति संभव हो सके। एसडीएम कार्यालय में रोजाना लोगों को जमावड़ा बोर की अनुमति के लिए लग रहा है।
पिछले साल से जल स्तर 25 से 35 फीट नीचे उतर गया है। गांव में सरकारी हैंडपंप बंद हो रहे हैं मेकेनिक रोजाना सुधार कार्य के लिए जा रहे है। अनेक स्थानों पर मोटर लगाकर बोर गहरा कर पीने के पानी की उपलब्धता की जा रही है।
केजी माहेश्वरी, एसडीओ पीएचई

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