जब पत्नी की तडफ़ देख कलेक्टर के सामने रो पड़ा पति, जाने क्या है मामला

जब पत्नी की तडफ़ देख कलेक्टर के सामने रो पड़ा पति, जाने क्या है मामला

Brijesh Chouksey | Updated: 26 Dec 2018, 01:51:58 PM (IST) Hoshangabad, Hoshangabad, Madhya Pradesh, India

बहू को लेकर आई सास ने कहा- तीन दिन से डाक्टर ही नहीं मिल रहे

होशंगाबाद. जिला अस्पताल में स्वास्थ्य सेवाएं भगवान भरोसे हैं। यह खुद मंगलवार को नवागत कलेक्टर आशीष सक्सेना ने देख लिया। वे अचानक अस्पताल का निरीक्षण करने पहुंचे तो उन्हें अपनी पीड़ा बताते हुए मरीजों के परिजन तक रो पड़े। पत्नी का इलाज कराने आए आनंद अपनी पीड़ा बताते हुए फफक-फफककर रोने लगा। बोला- साहब, यहां इलाज नहीं दुत्कार मिलती है। आप तो बस इलाज करा दीजिए। कलेक्टर ने उसे भरोसा दिलाया कि अब दुत्कार नहीं इलाज मिलेगा। निरीक्षण के दौरान एक महिला से पूछा कि इलाज मिल रहा है कि नहीं तो उसने कलेक्टर को बताया कि सोमवार से बहू भर्ती है, इलाज कौन करेगा, अभी तो हमें डाक्टर ही नहीं मिल रहा।

भागते हुए आए सीएस

मंगलवार दोपहर के साढ़े तीन बज रहे हैं। अचानक नए कलेक्टर सक्सेना जिला अस्पताल पहुंच गए और स्वास्थ्य सेवाओं का जायजा लेने लगे। वे मरीजों से बात कर रहे थे, इसी दौरान सीएस डॉ. सुधीर डेहरिया को उनके आने की खबर लगी तो वे भागते हुए आए। सक्सेना करीब आधा घंटे अस्पताल में रहे। इस दौरान मरीज और उनके परिजनों से मिले। अस्पताल का निरीक्षण किया और व्यवस्थाएं सुधारने के निर्देश दिए। अस्पताल में मरीजों के अटेंडरों को बैठने के इंतजाम कराने का कहा।

- यह थे हालात

नर्स ने खींच दी पट्टी, पक गए घाव

डूडूगांव के आनंद बकोरिया अपने नवजात शिशु को गोद में लिए खड़े थे। कलेक्टर से बोले- साहब पत्नी दुर्गेश का इलाज करा दीजिए। ऑपरेशन से यह बच्चा हुआ है। एक नर्स ने ऑपरेशन के टांके की पट्टी खींच दी, जिससे टांके खुल गए और घाव पक गया। पिछले दस से परेशान हूं। डेहरिया की तरफ इशारा करते हुए बताया- इन सर ने सोमवार को दोबारा टांके लगवाए हैं। यहां परेशानी बताने पर नर्सें दुत्कार के भगातीं हैं। मरीज को लगाई जाने वाली बॉटल खत्म होने के बाद बदलने वाला कोई नहीं रहता। यह बताते हुए वह रो पड़ा। कलेक्टर ने सीएस से कहा कि सही से ट्रीटमेंट करवाओ।

डाक्टर ही नहीं मिल रहे

ओपीडी के सामने खड़ी आंवलीघाट की प्रियम बाई से कलेक्टर ने पूछा- इलाज मिल रहा है कि नहीं? इस पर उसने बताया कि सोमवार को बहू को भर्ती कराया था। इलाज तो दूर अभी तो डाक्टर ही नहीं मिल रहे हैं।

ब्लड के लिए परेशान होता मिला पति

वन स्टॉप सेंटर का निरीक्षण करके बाहर आए कलेक्टर के सामने सिवनीमालवा निवासी आरके कुशवाहा हाथ जोड़कर खड़े हो गए। कहा- पत्नी आरती बीमार है। ब्लड की कमी बताई गई। साहब गरीब आदमी हूं, परेशान हो रहा हूं। कलेक्टर ने सीएस से कहा- मुझे समझ नहीं आया क्यों नहीं मिल रहा ब्लड। एक्सचेंज कर लो। पास खड़े डा. सुनील जैन से कहा- इनको देखिए। ये इन्श्योर कीजिए कि इनको ब्लड के लिए परेशान न होना पड़े। कलेक्टर ने ब्लड के लिए कैंप भी लगाने की बात कही।

husband-was-crying

पूछा कोई पैसा तो नहीं मांगता

कलेक्टर ने प्रसव वार्ड में मौजूद सोहागपुर के हुकुमचंद कहार से कलेक्टर ने पूछा- डिलेवरी हो गई, क्या हुआ। जबाव मिला लड़का। उन्होंने बधाई दी फिर पूछा- जाते समय अस्पताल वाले पैसा तो नहीं लेंगे, घबराओ नहीं मांगते हो तो बता दो। इस पर हुकुमचंद ने इशारे में बताया, नहीं मांगते।

सीएस ने बताई यह कमियां

इस दौरान सीएस ने सक्सेना को बताया किजिला अस्पताल में विशेषज्ञ डाक्टरों की कमी है। यहां जिले भर से महीने भर में २५० सर्जरी होने आती हैं। सिर्फ छह डाक्टर हैं। यहांगंदगी पर सफाई देते हुए सीएस ने बताया कि ठेका बदलने से फिलहाल साफ-सफाई समस्या है। अस्पताल से निकलने वाले कचरे के निपटारण के इंतजाम किए जा रहे हैं।

इनका कहना है...

अस्पताल को देखने आया था। कमियों मिली हैं, जिन्हें मिलकर हल करेंगे। अस्पताल के बाहर नंबर भी लिखवा रहे हैं। यदि इलाज में परेशानी आए तो लोग सीधे मुझसे संपर्क कर सकेंगे। जनता यदि अस्पताल में मदद करना चाहती हैं तो वे आगे आएं।

-आशीष सक्सेना, कलेक्टर होांगाबाद

 

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