यह है जुगाडू वैज्ञानिक...मोबाइल की रिंग बजते ही मीले दूर खेत में लगी पानी की मोटर होगी ऑन, जानिए कैसे

किसानों और गांव में रहने वालो को मिलेगी रोशनी

होशंगाबाद. आज विश्व विज्ञान दिवस है। लगातार विकसित होती तकनीक ने हर छोटे से बड़े काम को आसान कर दिया है। इनमें कुछ जुगाड़ की तकनीक भी शामिल हैं। छोटे वैज्ञानिकों ने जुगाड़ की चीजों से कम कीमत पर कई ऐसे मॉडल तैयार किए हैं। जिनका उपयोग किसान और परिवार की समस्याओं को दूर करने में किया जा रहा है। साथ ही कई ऐसे वैज्ञानिक है जिन्होंने छोटी सी उम्र में किसानों की परेशानी को देखते हुए घर बैठे मोटर कॉलिग की सुविधा उपलब्ध कराने मशीन तैयार की।

घर बैठे चालू होगी खेत में लगी मोटर
इटारसी के १९ साल के खुशवंत सोनकर ने किसानों के लिए मोबाइल मोटर मशीन तैयार की है। इसकी मदद से किसान घर बैठकर खेत में लगी पानी की मोटर चालू कर सकेंगे। खुशवंत ने बताया कि कई बार खेत दूर होने के कारण किसानों को बार-बार आना जाना करना पड़ता था। इस समस्या को देखते हुए मोबाइल मोटर मशीन बनाई। अब मोबाइल कॉलिग से मोटर चालू हो जाएगी। खुशवंत बताते हैं कि पानी के मोटर के बटन के पास मोबाइल होता है जिसकी चिप पर बटन लगाई जाती है। दूसरे मोबाइल से मोटर मोबाइल पर फोन करते ही अपने आप वह बटन दवेगा और मोटर चालू हो जाएगी। फोन कटते ही मोटर बंद हो जाएगी। खुशवंत अभी आईटीआई की पढ़ाई कर रहे हैं।

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580 रुपए में तैयार किया जनरेटर
बिजली कटौती की समस्या से निजात दिलाने के लिए भीलपुरा गांव के डीटीएच छतरी ठीक करने वाले रामेश्चवर चिचलिया ने एक जनरेटर तैयार किया है। इसकी मदद से बिजली गुल होने पर बल्व और पंखा चालू चल सकता है। रामेश्वर बताते हैं कि उनके गांव में हमेशा बिजली की समस्या रहती थी। और उनके बच्चे गर्मी में परेशान होते थे। इसी परेशानी को देखते हुए उन्होंने यह जनरेटर तैयार किया है। इसे बैटरी के करंट से चालू किया जा सकता है। जो महज पांच मिनट में चार्ज हो जाता है। इसके बाद एक बल्व और एक पंखा को लगातार दो घंटे तक चलाया जा सकता है। इसे करीब 580 रुपए की लागत से तैयार किया गया है।

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poonam soni
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