क्योंकि शॉ कभी रूकता नहीं...लॉकडाउन में कोरोना से लडऩे के लिए फेसबुक पर लाइव होंगे रंगकर्मी

वर्ष 1989 से नुक्कड़ नाटक से शुरू हुई रंगमंच की शुरूआत, अब बड़े-बड़े मंच तक पहुंचे रंगकर्मी

होशंगाबाद.आज वल्र्ड थिऐटर-डे है। यानी रंगमंच दिवस, नर्मदा नगरी होशंगाबाद में इसकी शुरुआत सन् 1989 में नुक्कड़ नाटक से हुई थी। 31 सालो से यहां के रंगकर्मी इस विधा को लोगो के बीच जिंदा रखे हुए है। रंगकर्मी कमलेश सक्सेना ने बताया कि होशंगाबाद में नर्मदारंगम् नाट्य समारोह, एकरंग नाट्य दल, जनशिक्षण संस्थान व अन्य ग्रुप के रंगकर्मी एकजुट होकर इस नाट्य विद्या को शहर में जिंदा रखे है। लेकिन अब 2020 में पहली बार ऐसा होगा जब लोग इसे लाइव देखेंगे। इतना हीं नहीं दर्शक भी लाइव होंगे।

31 साल पहले हुई रंगमंच की शुरूआत
कमलेश सक्सेना ने बताया कि 1989 में नाट्या कला एक छोटे से गांव से नुक्कड़ नाटक से रंगमंच की शुरुआत की थी। शहर में 1992 में अरुण पाण्डे, गोविंद नामदेव, प्रभात, लोकेंद्र त्रिवेदी, सुधीर कुलकर्णी, गुलशन बालिया, प्रभात गोंगोली जैसे बड़े डॉयरेक्टर आए । तब मंडी में रंगमंच उत्सव के दौरान वर्कशाप आयोजित की। इससे जो रंगकर्मी बाहर निकले वे कई देशों में अपना नाम कमा रहे हैं।

सात बजे डेढ़ इंच ऊपर नाटक से देंगे संदेश
शुक्रवार को विश्व रंगमंच दिवस पर सोशल मीडिया पर नाट्य मंचन किया जाएगा। नाटक डेढ़ इंच ऊपर का शाम 7 बजे फेसबुक प्रसारण होगा। यह नाटक निर्मल वर्मा लिखित और संजय श्रोती के निर्देशन में होगा। मुख्य पात्र लोकेश तिवारी कोरोना का संदेश देंगे। इसमें संरक्षक अरुण शर्मा, कमलेश सक्सेना, म्यूजिक मनोज, शफीक खान, मंगलेश सिंगारिया, प्रेम सिंगारिया, अनुराग शर्मा, विक्की है।

poonam soni
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