Lockdown में एक कदम मदद की ओर : गुल्लक लेकर पहुंची 11 साल की लड़की, जमापूंजी की जरूरतमंतों के नाम

Highlights

-विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने इसे महामारी घोषित कर दिया है

-घातक कोरोना वायरस के चलते लोगों में बड़ा संकट मंडरा रहा है

-देश में गरीबों की मदद के लिए सरकार हरसंभव प्रयास कर रही।

 

By: Ruchi Sharma

Published: 07 Apr 2020, 04:34 PM IST

नई दिल्ली. कोरोना वायरस (Coronavirus disease - COVID-19) के संक्रमण से मरने वाले लोगों की संख्या दिनप्रतिदिन बढ़ती जा रही है। विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने इसे महामारी घोषित कर दिया है। घातक कोरोना वायरस के चलते लोगों में बड़ा संकट मंडरा रहा है। ऐसे में सभी को एकजुट होना है। देश में गरीबों की मदद के लिए सरकार हरसंभव प्रयास कर रही। वहीं लोगों ने भी मदद के लिए बढ़चढ़कर आगे आ रहे हैं। इस बीच एक 11 साल लड़की ने भी सोमवार को अपनी बची जमा पूंजी इस मुश्किल समय से जूझ रहे लोगों के नाम कर दी। ताकि जरूरतमंद लोगों को खाना और आवश्यक वस्तुओं को उपलब्ध कराया जा सके। मामला उत्तराखंड के ऋषिकेश का है।

गुल्लक से निकले 10 हजार 141 रुपए

जहां की रहने वाली आलिया चावला ने कोतवाली पुलिस स्टेशन जाकर पुलिकर्मियों को अपना पिग्गी बैंक(गुल्लक) दे दिया। गुल्लक देते हुए 5वीं कक्षा की छात्रा आलिया ने कहा, अंकल, मुझे पता नहीं इसके अंदर कितने रुपए हैं, लेकिन आप इसे तोड़ दीजिए। इसमें मौजूद रुपए को निकालकर भूखे लोगों और पशुओं के लिए खाने-पीने का इंतजाम कीजिए। लड़की का हौसला देखकर सभी पुलिसकर्मी हैरान थे। सभी एक जगह जमा हुए। फिर गुल्लक तोड़ी गई। इसमें कुल 10 हजार 141 रुपए थे।

जमा राशि से की सहायता

देहरादून एसएसपी और पुलिस प्रवक्ता धर्मेंद्र बिष्ट ने सोमवार को बताया कि जिले में कोरोनावायरस महामारी के दौरान ‘कोई भूखा न रहे, कोई भूखा न सोए’ योजना चलाई है। यह बात स्थानीय मीडिया के माध्यम से घर-घर में पहुंची है। जानकारी मिलने के बाद ऋषिकेश के मनीराम रोड निवासी अशोक चावला और उनकी बेटी ने अपनी जमा राशि लोगों की सहायता के लिए देने का फैसला किया था।

Ruchi Sharma
और पढ़े
हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति और कूकीज नीति से सहमत होते हैं।
OK
Ad Block is Banned