6 साल के इस बच्चे ने किया अनोखा कारनामा, गिनीज बुक में नाम दर्ज

लोकोक्ति है पूत के पांव पालने में दिख जाते हैं। यानी किसी व्यक्ति के भविष्य का अनुमान उसके वर्तमान लक्षणों से लगाया जा सकता है। अर्थ- किसी व्यक्ति के भविष्य का अनुमान उसके वर्तमान लक्षणों से लगाया जा सकता है।

By: Shaitan Prajapat

Published: 11 Nov 2020, 04:01 PM IST

नई दिल्ली। लोकोक्ति है पूत के पांव पालने में दिख जाते हैं। यानी किसी व्यक्ति के भविष्य का अनुमान उसके वर्तमान लक्षणों से लगाया जा सकता है। अर्थ- किसी व्यक्ति के भविष्य का अनुमान उसके वर्तमान लक्षणों से लगाया जा सकता है। अहमदाबाद के छह साल के अरहम ओम तलसानिया ने ऐसा काम कर दिया है, जो बड़े बड़े सॉफ्टवेयर इंजीनियर्स भी नहीं कर सके। दूसरी क्लास में पढ़ने वाले इस बच्चे को कारनाम को देखकर हर कोई दंग है। इस बालक ने कम्प्यूटर की दुनिया में गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में अपना नाम दर्ज किया गया है। इसके साथ वो दुनिया के सबसे युवा कम्प्यूटर प्रोग्रामर का खिताब अपने नाम कर चुके हैं।

पायथन प्रोग्रामिंग लैंग्वेज किया क्लीयर
इस बच्चे के दिमाग की बात करे तो अरहम ने पायथन प्रोग्रामिंग लैंग्वेज के एग्जाम पास कर लिया है। यह परीक्षा 23 जनवरी, 2020 को संपन्न हुई। यह एग्जाम माइक्रोसोफ्ट द्वारा अधिकृत पियर्सन व्यू टेस्ट सेंटर में आयोजित की गई थी। यह परीक्षा में बहुत कठिन सवाल पूछे जाते है। बड़े-बड़े इंजीनियर्स इस परीक्षा को क्लीयर नहीं कर पाते है, लेकिन अरहम ने यह कारनाम कर सभी को चकित कर दिया।

 

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7 बरस के बच्चे के नाम था रिकॉर्ड
अरहम से पहले एक पाकिस्तानी मूल के ब्रिटिश बच्चे के नाम ये खिताब था। सात वर्षीय इस बच्चे का नाम मुहम्मद हमजा शहजाद था। अब अरहम ने उनका वर्ल्ड रिकॉर्ड तोड़कर अपने नाम कर लिया है। इस परीक्षा में एक उम्मीदवार को प्रमाण प्राप्त करने के लिए 1000 में से 700 अंक मिले थे। अब अरहम ने 900 अंक हासिल किए है। उन्हें माइक्रोसोफ्ट टेक्नोलॉजी एसोसिएट के रूप में मान्यता मिली है।

माता-पिता भी हैं इंजीनियर
अरहम के परिवार के बारे में बात करे तो उनके पिता ओम तलसानिया पेशे से सॉफ्टवेयर इंजीनियर हैं। उनकी मां तृप्ति तलसानिया लेक्चरर और इंजीनियर हैं। उनके माता—पिता ने बताया कि जब अरहम 2 साल का था तब से ही उसे कम्प्यूटर से काफी लगाव था। धीरे-धीरे ये लगाव बढ़ता गया। अरहम ने अपने पापा से एक दिन खुद वीडियो गेम बनाने की इच्छा जाहिर की। पिता बेटे की इस दिलचस्पी को समझ गए। उन्होंने उसे माइक्रोसॉफ्ट अधिकृत परीक्षा दिलाने का फैसला लिया। अरहम के पिता ने बताया कि उन्होंने उसे रोजाना ट्रेनिंग दी।

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