एंटीलिया केसः किन गलतियों के चलते पकड़े गए सचिन वाजे

एपीआई सचिन वाज़े के लिए एंटीलिया केस पड़ गया भारी। उनकी कुछ गलतियों ने ही उन्हें कठघरे में लाकर खड़ा कर दिया।

By: Pratibha Tripathi

Published: 19 Mar 2021, 09:04 PM IST

नई दिल्ली। मुंबई पुलिस के निलंबित एपीआई सचिन वाजे इन दिनों काफी सुर्खियां बटोर रहे हैं लेकिन उनकी मंशा इस तरह की सुर्खियां बटोरने की कतई ना थी। वह तो सिर्फ अपने कामों के चलते लाइमलाइट में आना चाहते थे। क्योंकि एंटीलिया केस को सुलझाना उनके चर्चित होने का सबसे बड़ा रास्ता था लेकिन लाइम लाइट में आने की साजिश रचते वक्त सचिन वाजे ऐसी कई गलतियां कर गए, जिसका नतीजा ये हुआ कि एंटीलिया केस की जांच उनके हाथ ना लगकर सीधे एनआईए की झोली में जा गिरी। और यही बात उनके दिल को ऐसी लगी कि उन्होंने सबूत मिटाने शुरू कर दिए। बस इसी काम को करते वक्त वो कई ऐसी गलतियां कर गए, जिसके चलते यह केस उन पर भारी पड़ गया। जानिए वाजे की वो गलतियां...

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गलती नंबर-1
सचिन वाजे की पहली गलती यह थी कि उन्होंने एंटीलिया के पास जिस गाड़ी को खड़ी किया था वो उनके खास जानकार मनसुख हिरेन से ली गई थी। और सच सामने आते ही मनसुख हिरेन ने बहुत कुछ उगल दिया। इतना ही नही वाजे से जब पूछताछ की गई तो उस दौरान उन्होंने हिरेन को पहचानने से भी इनकार कर दिया था।

गलती नंबर-2
सचिन वाजे ने दूसरी गलती तब की, जब इस साज़िश को अंजाम तक पहुंचाने के लिए खुद ही भेष बदल कर स्कॉर्पियो को पार्क करने एंटीलिया के बाहर जा पहुंचे। सचिन वाजे को इस बात का जरा भी अहसास नहीं था कि एंटीलिया मामले की जांच उनके घर तक भी पहुंच सकती है।

गलती नंबर-3
सचिन की तीसरी गलती यह थी कि 100 नंबर पर कॉल जाने के बाद वे खुद ही सबसे पहले मौका-ए-वारदात पर पहुंचे। हालांकि स्कॉर्पियो कार तो खुद ही उन्होंने एंटीलिया के पास खड़ी की थी। और वह पास खड़ी दूसरी इनोवा कार से फरार हुए थे।

गलती नंबर-4
सचिन वाजे ने चौथी गलती यह कर दी कि उन्होंने इस केस को सुलझाने के लिए अपनी ही टीम यानी मुंबई क्राइम ब्रांच के सीआईयू यूनिट के कुछ पुलिसवालों को इस मामले की जांच के लिए रखा था फिर अपने घर और सोसाइटी के सीसीटीवी फुटेज और डीवीआर की जांच भी उन्होंने अपनी ही टीम से करवाई थी।

गलती नंबर-5
वाजे की पांचवीं गलती थी कि जिस काली मर्सिडीज़ का इस्तेमाल वह खुद करते थे, उसे भी इस साजिश में इस्तेमाल किया। फिर उस मर्सिडीज़ को अपने ही ऑफिस के बाहर पार्क कर दिया। वो भी कई बड़े सबूतों के साथ। कहते हैं ना जब मति फिरती है तो फिर कुछ समझ नहीं आता और ऐसा ही कुछ सचिन वाज़े के साथ हुआ।

उन्हें गलती करने के दौरान इस बात का जरा भी अंदाजा नही था एनआईए की टीम किसी भी जगह जाकर जांच कर सकती है फिर चाहे वो क्राइम ब्रांच का दफ्तर ही क्यों ना हो।

Pratibha Tripathi
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