बर्ड फ्लू से मचा कोहराम, मर रहे हैं हजारों पक्षी, जानें इस वायरस से बचाव और इलाज

  • देश के कुछ हिस्सों में बर्ड फ्लू की वजह से हजारों पक्षियों की मौत हो चुकी है
  • यह वायरस मानव शरीर के लिए भी खतरनाक हो सकता है

By: Pratibha Tripathi

Published: 12 Jan 2021, 10:05 PM IST

दुनियाभर में कोरोना ने लोगों को पहले ही मुसीबत में डाल रखा है, अभी कोरोना वायरस से लोगों को निजात भी नहीं मिली, कि देश के काई राज्यों में एक खतरनाक बीमारी ने दस्तक दे दी है। इस नई मुसीबत का नाम है बर्ड फ्लू । बर्ड फ्लू की वजह से अब तक हजारों पक्षियों की मौत हो चुकी है। देश के तई राज्यों में बढ़ रहे मामलों को देखते हुए मुर्गी, बत्तख जेसे पालतू पक्षियों के आयात पर प्रतिबंध लगा दिया गया है। दूसरी ओर पक्षी विशेषज्ञ एवं चिकित्सकों ने मरे हुए पक्षियों के दिखने पर वनविभाग को सूचित करने की हिदायत दी है। जानकार इस बीमारी के वायरस को इंसानों के लिए भी खतरनाक मानते हैं।

कई राज्यों में पाए गए मृत कौवे
बर्ड फ्लू की चपेट में आकर हजारों पक्षियों के मरने की लगातार खबरें आ रही हैं। राजस्थान, मध्यप्रदेश सहित सीमा वर्ती कई राज्यों में सैकड़ों की तादद में कौवों के मौत की खबर आ रही है। इस संभावित खतरे को देखते हुए केरल में कई हजार पक्षियों को मौत के घाट उतारा गया है। हिमाचल प्रदेश में भी हजारों माइग्रेटरी बर्ड की मौत हुई है। यदि बीते 8 जनवरी की बात करें तो यूपी के झांसी और हरियाणा के जींद में मरे हुए कौवे मिले जिससे दोनों जगह हड़ंकप मच गया है।

पक्षियों के व्यापार पर 10 दिनों की लगी है रोक
पक्षियों की मौत के पीछे की वजह “एवियन इंफ्लुएंजा वायरस बताया जा रहा है। जानकार यह भी बताते हैं कि कुछ मामलों में मरने वाले पक्षियों में सामान्य फ्लू के लक्ष्ण पाए गए हैं। दूसरी ओर इस खतरनाक बीमारी को लेकर राजस्थान, मध्य प्रदेश, हिमाचल, केरल, हरियाणा हाई अलर्ट पर है।

3 दिन में घटा 30 फीसदी व्यापार
बर्ड फ्लू की चपेट में आने से मर रहे पक्षियों के कारण इसकी रोकथाम से मुर्गी पालन उद्योग को भारी नुकसान हो रहा है। आज बड़े व्यापाकी से लेकर छोटे कारोबारी भी परेशान हैं। आज ग्राहक डर के पीछे चिकन नहीं खरीद रहा है। बीते 3 दिनों में इस व्यापार का 30% हिस्सा घट गया है।

विशेषज्ञों ने किया सचेत मृत पक्षी से बचें

उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में तो वन अधिकारी यानी डीएफओ ने तो बाकायदे जलाशयों पर नजर रखने के आदेश जारी किए हैं। आदेश में कहा है कि यदि कहीं पक्षियों की भारी संख्या में मौत देखी जाए तो उनके मृत शरीर को जांचके लिए लैब में भेजा जाए। एहतियात के लिए जब भी कोई पक्षी मृत नज़र आए तो नजदीकी वन विभाग को सूचित करें। और संक्रमण रोकने के सामान्य उपायों को अपनाएं।

एवियन इंफ्लूएंजा का खतरा
बर्ड फ्लू यानी एवियन इंफ्लूएंजा एच-5 एन-1 वायरस की वजह होता है। यह वायरस बर्ड फ्लू का सबसे घात स्वरूप है। इस वायरस की की चपेट में आने से पक्षियों, पालतू मुर्गियों और बत्तखों मौत हो जाती है। एवियन इंफ्लूएंजा पक्षियों के साथ इंसानों के लिए भी घातक है। इसकी चपेट में आने पर बुखार, जुकाम, सांस लेने में परेशानी, उल्टी जैसी गंभीर समस्या हो सकती है।

कैसे बचें बर्ड फ्लू से ?
यदि कहीं मृत पक्षी मिलें तो तत्काल वन विभाग को सूचित करें। फेस मास्क ज़रूर पहनें और पोल्ट्री फॉर्म या जहां पक्षियों की संख्या ज्यादा हो वहां जाने से परहेज करें। एवियन इंफ्लूएंजा से बचाव के लिए एंटीवायरल मेडिसिन और वैक्सीन भी उपलब्ध हैं। यदि किसी में ये लक्षण दिखें तो तत्काल किसी चिकित्सक को दखाएं।

Pratibha Tripathi
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