Lockdown: 70 साल की दादी ने सैकड़ों गरीबों का भरा पेट, खुद भीख मांगकर करती हैं गुजारा

बिलासपुर (Bilaspur) में भीख मांग कर अपना गुजारा करने वाली एक दादी कोरोना योद्धा बनकर सामने आई हैं। 72 साल की दादी का नाम सुखमती (Sukhmati) है। वे अपना राशन गरीबों को दे रही हैं ताकि कोई भूख से ना मरे

By: Vivhav Shukla

Published: 21 May 2020, 10:26 PM IST

नई दिल्ली: कोरोना वायरस ( Coronavirus outbreak ) का प्रकोप देश में बढ़ता ही जा रहा है। सरकार वायरस के संक्रमण को रोकने के लिए पूरे देश में लॉकडाउन ( Lockdown 4.0 ) लगा दिया है। लेकिन इस लॉकडाउन की वजह से कई लोग भूख से भी मर गए हैं। । इन सब के बीच एक दिल को सुकून देने वाली खबर आई है। जहां एक औरत भींख में मिले राशन को गरीबों में बाट रही है। ताकि उनका परिवार भूखा ना सोए।

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दरअसल, मामला रायपुर से 125 किलोमीटर दूर बिलासपुर (Bilaspur) का है, जहां एक एक भीख मांग कर अपना गुजारा करने वाली दादी कोरोना योद्धा बनकर सामने आई हैं। 72 साल की दादी का नाम सुखमती (Sukhmati) है। वे अपनी दो नातिनों के साथ रहती हैं। सुखमती बीते एक दशक से भीख मांगकर गुजर बसर कर रही हैं और अपनी नातीनों को पढ़ा लिखा रही है।

भीख मांगकर खुद का गुजारा करने के बावजूद वे लोगों की मदद करती हैं। उन्होंने अपनी दरियादिली से सबका दिल जीत लिया है। इस मुश्किल समय में जरूरतमंदों की मदद के लिए उन्होंने 1 क्विंटल चावल, दर्जनभर साड़ियां और कुछ पैसे दान किए। ये सब कुछ उन्होंने भीख इकट्ठा किया है।

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मीडिया से बात करते हुए दादी ने बताया ‘मैं लॉकडाउन के दौरान जरूरतमंदों का दर्द महसूस कर सकती हूं। मैं खुद भीख मांगकर गुजारा करती हूं। इसलिए मुझसे जितना बन पड़ा मैंने बिलासपुर नगर निगम को दान कर दिया। उन्होंने बताया कि वे भूख का दर्द समझ सकती हूं। इसलिए जरूरतमंद और असहाय लोगों की हर मुमकिन मदद के लिए मैं ज्यादा से ज्यादा भीख मांगने लगी। किसी को भी भूखा नहीं सोना चाहिए।’

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वहीं बिलासपुर जिला के कलेक्टर डॉ. संजय अलंग ने दादी को इंसानियत की मसाल बताते हुए कहा कि जब बहुत से लोग ‘कोविड 19′ से निपटते के दौरान मुश्किल हालातों में जी रहे हैं, वहीं दादी लोगों की मदद कर रही हैं।

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