Coronavirus संकट के बीच यहां मुर्गियां दे रही हरे रंग के अंडे, वैज्ञानिक भी हैरान

-Chickens Giving Green Yolk Egg: अब तक आपने अंडे ( EGG ) बाहर से सफेद और अंदर से पीली जर्दी वाले ही देखें होंगे। लेकिन, इन दिनों हरे रंग के जर्दी वाले अंडे चर्चा का विषय बने हुए है।
-कोरोना ( Coronavirus ) संकट के बीच केरल ( Kerala ) के मल्लारपुरम में इन तरह के अंडे देखकर वैज्ञानिक भी हैरान है।
-यहां एक फार्म में मुर्गियां ( Chicken Farm ) हरी जर्दी वाले अंडे दे रही हैं। लोग इन्हें खरीदने से डर रहे है। वहीं, वैज्ञानिक इस पर शोध कर रहे हैं।

By: Naveen

Updated: 29 May 2020, 11:55 AM IST

नई दिल्ली।
Chickens Giving Green Yolk Egg: अब तक आपने अंडे ( EGG ) बाहर से सफेद और अंदर से पीली जर्दी वाले ही देखें होंगे। लेकिन, इन दिनों हरे रंग के जर्दी वाले अंडे चर्चा का विषय बने हुए है। कोरोना ( coronavirus ) संकट के बीच केरल ( Kerala ) के मल्लारपुरम में इन तरह के अंडे देखकर वैज्ञानिक भी हैरान है। यहां एक फार्म में मुर्गियां ( Chicken Farm ) हरी जर्दी वाले अंडे दे रही हैं। लोग इन्हें खरीदने से डर रहे है। वहीं, वैज्ञानिक इस पर शोध कर रहे हैं। साथ ही फार्म के प्रमुख ने इसके पीछे की जो वजह बताई, वह भी हैरान करने वाली है।

7 मुर्गियां दे रही हरी जर्दी वाले अंडे
मामला केरल के मल्लापुरम के कोट्टाकल में स्थित शिहाबुद्दीन पॉल्‍ट्री फार्म का है, जहां करीब 7 मुर्गियां हरी जर्दी वाले अंडा देती हैं। इन मुर्गियों का साइज भी अन्य मुर्गियों से थोड़ा अलग है। सामान्य अंडों की जर्दी हमेशा पीली होती है। लेकिन, पिछले 9 महीने से ये मुर्गियां हरे रंग की जर्दी वाले अंडे दे रही हैं। फार्म के मालिक शहाबुद्दीन ने बताया कि इन हरी जर्दी वाले अंडों से सामान्‍य रंग के चूजे निकले।

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वैज्ञानिक कर रहे शोध
बता दें कि हरे रंग के अंडों की तस्वीर सोशल मीडिया पर वायरल हो गई। तस्वीरों को देखकर लोग भी हैरान हो रहे है। इसी बीच केरल वेटरनरी एंड एनिमल साइंसेज यूनिवर्सिटी (KVASU) के वैज्ञानिक इस पर शोध करने के लिए फार्म पर पहुंचे। उन्होंने विशेष मुर्गियों और अंडों पर एक अध्ययन शुरू किया। शिहाबुद्दीन ने बताया कि 9 महीने पहले एक मुर्ग द्वारा बिछाये गये अंडे में हरे रंग की जर्दी थी। उसके परिवार ने इसका सेवन किया, क्योंकि इसे सुरक्षित नहीं मान रहे थे। इसके बाद नए मुर्गियों ने भी हरे अंडे देना शुरू कर दिया था।

खान-पान का हो सकता है प्रभाव
यूनिवर्सिटी के पोल्ट्री साइंस विभाग में एसिसटेंट प्रोफेसर डॉ. एस. शंकरलिंगम ने बताया कि हरे रंग के अंडों से स्पष्ट होता है कि मुर्गियों को किस तरह का खाना दिया जाता है। वैज्ञानिकों ने शिहाबुद्दीन से उस खाने की जानकारी ली, जिसे वह मुर्गियों को देता था। वैज्ञानिकों ने उसे ऐसा खाना देने से मना किया। दो हफ्ते बाद जर्दी का रंग पीला होने लगा। शहाबुद्दीन के अनुसार कि मुर्गियों के खानपान के कारण ऐसा हो सकता है। हालांकि वैज्ञानिक इस पर जांच कर रहे हैं।

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