Coronavirus: अब 30 दिन काम और 50 दिन Lockdown! ऐसे खत्म होगा कोरोना वायरस

-भारत समेत दुनिया के तमाम देशों में लॉकडाउन ( Lockdown ) के बावजूद कोरोना का संक्रमण ( Coronavirus Cases ) तेजी से फैलता जा रहा है।
-4 महीने से भी ज्यादा का वक्त हो चुका है, लेकिन अभी तक कोरोना की वैक्सीन ( Coronavirus Vaccine ) नहीं बन सकी।
-भारत समेत कई देशों ने आर्थिक संकट के कारण धीरे-धीरे लॉकडाउन ( Lockdown in India ) खोलना शुरू कर दिया है।
ब्रिटेन के वैज्ञानिकों ( British scientists ) का कहना है कि दुनिया को 2022 तक रुक-रुककर लॉकडाउन की जरूरत है।

By: Naveen

Updated: 22 May 2020, 03:37 PM IST

नई दिल्ली।
भारत समेत दुनिया के तमाम देश कोरोना वायरस ( coronavirus ) के संकट से जूझ रहे है। दुनिया में अब तक 52 लाख से ज्यादा लोग कोरोना से संक्रमित ( Covid-19 ) हो चुके है। जबकि, 3 लाख से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है। लॉकडाउन ( Lockdown ) के बावजूद कोरोना का संक्रमण ( Coronavirus Cases ) तेजी से फैलता जा रहा है।

4 महीने से भी ज्यादा का वक्त हो चुका है, लेकिन अभी तक कोरोना की वैक्सीन ( Coronavirus Vaccine ) नहीं बन सकी। भारत समेत कई देशों ने आर्थिक संकट के कारण धीरे-धीरे लॉकडाउन ( Lockdown in India ) खोलना शुरू कर दिया है। ऐसे में वायरस के तेजी से बढ़ने का खतरा भी बढ़ गया है। इसी बीच अब ब्रिटेन के वैज्ञानिकों ने 80 दिन के नए मॉडल का सुझाव दिया है।

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30 दिन काम, 50 दिन लॉकडाउन ( 50 Day Lockdown, Relaxation for 30 Days )
ब्रिटेन के वैज्ञानिकों ( British scientists ) का कहना है कि दुनिया को 2022 तक रुक-रुककर लॉकडाउन की जरूरत है। इसलिए लॉकडाउन के साथ कोरोना को हराने के लिए नया नियम बनाना पड़ेगा। इसके लिए 30 दिन काम करने के बाद 50 दिन लॉकडाउन रखना होगा। 80 दिनों के इस चक्र से कोरोना वायरस से होने वाली मौतों को कम किया जा सकता है, साथ ही इसके संक्रमण को भी रोका जा सकता है। इस बात का खुलासा वैज्ञानिकों ने हाल ही में किए गए शोध में किया हैं। वैज्ञानिकों ने 16 देशों के डाटा के उपयोग से गणितीय सूत्रों के आधार पर इस बात का निष्कर्ष निकाला हैं।

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जान और जहान, दोनों को बचाना होगा
कैंब्रिज यूनिवर्सिटी के प्रमुख शोधकर्ता डॉक्टर राजीव चौधरी ने कहा, कोरोना संकट में लोगों की जान और देश की अर्थव्यवस्था दोनों को बचाना होगा। इसके लिए दुनिया को अगले एक साल तक 80 दिन का फॉर्मूला अपनाना होगा। यूरोपियन जर्नल ऑफ इपियोडेमोलॉजी में प्रकाशित शोध के अनुसार, इस वैकल्पिक लॉकडाउन के नियम से लोगों की जान भी बच सकेगी और नौकरियां भी बचाई जा सकेंगी। इससे वित्तीय असुरक्षा और सामाजिक व्यवधान को कम किया जा सकेगा। आर्थिक परेशानियां भी दूर होगी।

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आय, स्वास्थ्य सुविधाओं और आर्थिक स्थिति
वैज्ञानिकों ने भारत से लेकर बेल्जियम तक के लिए तीन परिदृश्यों का सुझाव दिया है। इस मॉडल को आय, स्वास्थ्य सुविधाओं और आर्थिक स्थिति को ध्यान में रखकर बनाया गया है। वैज्ञानिकों ने बताया, अगर 50 दिनों के लॉकडाउन के बाद 30 दिनों की रियायत दी जाती है तो इससे संक्रमण का स्तर कम होगा। ऐसे में संक्रमित लोगों की संख्या भी घटेगी। ऐसे परिदृश्य में सारे देशों में महामारी 18 महीनों तक रहेगी।

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