Coronavirus को लेकर नया खुलासा, 70 दिनों के अंदर पूरी तरह ठीक हुए मरीज मिल रहे पॉजिटिव

 

Highlights
-दुनिया के कई देश कोरोना वायरस (कोविड 19) (COVID -19) की जद में
-चीन में कोरोना वायरस (China Coronavirus) के मामलों ने एक बार फिर रफ्तार पकड़ ली है
-सार्स-कोव-2 (Sars-CoV-2) वायरस से उबरने वाले रोगियों की बढ़ती संख्या ऐसी है, जिनमें संक्रमण के लक्षण नहीं दिख (Recovered Coronavirus Patients) रहे हैं

By: Ruchi Sharma

Published: 23 Apr 2020, 03:50 PM IST

नई दिल्ली. दुनियाभर में महामारी का रूप ले चुके कोरोना वायरस (Coronavirus) का कहर लगातार जारी है। दुनिया के कई देश कोरोना वायरस (कोविड 19) (COVID -19) की जद में हैं। वहीं चीन में कोरोना वायरस (China Coronavirus) के मामलों ने एक बार फिर रफ्तार पकड़ ली है। लंबे समय तक तबाही मचाने के बाद चीन में कोरोना के नए केस बिल्कुल बंद हो गए थे, लेकिन अब दोबारा सामने आने लगे हैं। सार्स-कोव-2 (Sars-CoV-2) वायरस से उबरने वाले रोगियों की बढ़ती संख्या ऐसी है, जिनमें संक्रमण के लक्षण नहीं दिख रहे हैं, लेकिन वे कोरोना पॉजिटिव पाए जा रहे हैं। वे सभी रोगी ठीक होने के बाद वायरस के लिए किए गए टेस्ट में निगेटिव आए थे, लेकिन फिर किए गए टेस्ट में पॉजिटिव मिले हैं। डॉक्टरों ने कहा कि चौंकाने वाली बात यह है कि कुछ मरीज निगेटिव टेस्ट के 70 दिनों के बाद भी पॉजिटिव मिल रहे हैं। बहुत से मरीजों में ठीक होने के 50-60 दिनों के बाद संक्रमित पाया गया है।

ठीक होने के बाद भी मिल रहे हैं लोग पॉजिटिव

जानकारी के अनुसार एक व्यक्ति ने बताया कि वह केंद्र में एक फ्लैट में स्थानांतरित होने से पहले वुहान के तीन अस्पतालों में रुका था। उन्होंने फरवरी के तीसरे सप्ताह से 10 से अधिक परीक्षण करवाए थे, जिसमें कभी-कभार निगेटिव रिपोर्ट मिली लेकिन ज्यादातर टेस्ट की रिपोर्ट पॉजिटिव आई। उन्होंने कहा कि मैं ठीक महसूस करता हूं और कोई लक्षण भी नहीं दिखाई दे रहे हैं, लेकिन वे जांच करते हैं और यह पॉजिटिव आता है।

चार सप्ताह में टेस्ट हो मिल रहे पॉजिटिव

अंग्रेजी वेबसाइट में छपी खबर के मुताबिक दक्षिण कोरिया में, लगभग 1,000 लोग चार सप्ताह या उससे अधिक समय से टेस्ट में पॉजिटिव मिल रहे हैं। महामारी से तबाह हुए पहले यूरोपीय देश इटली में स्वास्थ्य अधिकारियों ने देखा कि कोरोना वायरस के मरीजों में एक महीने तक वायरस के लिए सकारात्मक परीक्षण हो सकते हैं।

नहीं मिल पा रही साफ जानकारी

वुहान में झोंगनान अस्पताल के उपाध्यक्ष युआन यूफेंग ने कहा कि हमने SARS के दौरान ऐसा कुछ नहीं देखा था। वह साल 2003 के गंभीर तीव्र श्वसन सिंड्रोम के प्रकोप का जिक्र कर रहे थे, जिसने दुनियाभर में 8,098 लोगों को संक्रमित किया था, जिसमें से सबसे ज्यादा मरीज चीन के थे। इस बीच, पेकिंग यूनिवर्सिटी फर्स्ट हॉस्पिटल के संक्रामक रोग विभाग के निदेशक वांग गुईयांग ने मंगलवार को एक ब्रीफिंग में कहा कि ऐसे रोगियों में से अधिकांश में लक्षण दिखाई नहीं दे रहे थे और बहुत कम लोगों ने उनकी स्थिति खराब देखी थी। राष्ट्रीय स्वास्थ्य आयोग के एक अधिकारी गुओ यानहोंग ने कहा कोरोना वायरस एक नए प्रकार का वायरस है। इस बीमारी के बारे में अभी तक ज्यादा जानकारी नहीं हैं। जितना इस संक्रमण के बारे में पता है, उससे ज्यादा चीजों के बारे में पता नहीं है।

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