किसान आंदोलन के बीच छाई हरी जलेबी, रोजाना बनाई जा रहीं 5 क्विंटल जलेबियां

  • Green Jalebis : मोहाली के सिंधु बॉर्डर पर परोसी जा रहीं हरे रंग की जलेबियां
  • किसान हरे रंग की जलेबियों को अपनी फसल और सुख-समृद्धि का प्रतीक बता रहे हैं

By: Soma Roy

Published: 05 Jan 2021, 07:09 PM IST

नई दिल्ली। कृषि कानून के खिलाफ किसान सड़कों पर लंबे समय से बैठे हैं। वे विरोध के लिए अलग-अलग तरीके आजमा रहे हैं। वहीं किसानों का पेट भरने के लिए वहां लंगर भी लगाया जा रहा है। धरला स्थल से कभी किसानों का पिज्जा परोसेते हुए तस्वीरें सामने आती हैं। तो कभी पहलवानी करते हुए सपोर्टर नजर आते हैं। इन दिनों पंजाब के मोहाली में हरे रंग की जलेबियां छाई हुई हैं। किसानों का एक समूह सिंधु बॉर्डर पर इन जलेबियों के जरिए सुख-समृद्धि का संदेश दे रहा है।

किसानों के मुताबिक ये हरी जलेबियां ग्रीन रिवोल्यूशन का संदेश देता है। चूंकि यह रंग शांति का प्रतीक है। इसलिए किसान समुदाय अपना विरोध भी शांतिपूर्ण ढंग से जता रहे हैं। उनका मकसद लोगों को नुकसान पहुंचाना नहीं है। बताया जाता है कि एक दिन में लगभग 5 क्विंटल जलेबियां बनाई जा रही हैं जो किसानों समेत अन्य लोगों को बांटी जाती हैं। इस अनोखी जलेबी को खाने दूर-दूर से लोग आ रहे हैं।

किसानों का कहना है कि हरे रंग की जलेबियों का संबंध उनकी फसल और सुख-समृद्धि से है। इसलिए उन्होंने विरोध के दौरान जलेबियों का रंग हरा रखा है। वे चाहते हैं कि सरकार उनकी तकलीफों को समझे और जल्द से जल्द उनकी मांगे पूरी करें। सिंधु बॉर्डर पर जुटे किसानों ने यह भी कहा कि वे धैर्य रखना जानते हैं और जब तक उनकी बात सुनी नहीं जाएगी वे यहां से टस से मस नहीं होंगे। मालूम हो कि पिछले दिनों किसानों को पिज्जा खिलाए जाने की चर्चा भी खूब जोरों पर थी। कई लोग इसका मजाक भी उड़ा रहे थे। हालांकि खाना सर्व करने वालों का कहना है था कि किसान धरती पर अनाज उगाता है, ऐसे में पेट भरने के लिए उस गेहं से बने पिज्जा पर भी उनका ही हक है।

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