चार महिला पायलटों ने रचा इतिहास, भरी एयर इंडिया की सबसे लंबी उड़ान

  • चार महिला चालकों के दल ने पहली बार 16 हजार किलोमीटर की लंबी उड़ान भरी
  • दुनिया के सबसे लंबे हवाई मार्ग नॉर्थ-पोल पर उड़ान भरकर इतिहास रच दिया है

By: Pratibha Tripathi

Published: 12 Jan 2021, 09:46 PM IST

आधी आबादी यानी महिला शक्ति आज हर वो काम करने में सक्षम है जिसे पुरुष कर सकते हैं। बल्कि आज की नारी दुनिया में ऐसे काम भी कर रही हैं जिन कामों को पुरुष भी नही कर पाते हैं। ऐसा ही कारनामा कर दिखाया है देश की 4 महिला पायलटों ने। दरअसल एयर इंडिया की महिला पायलेट क्रू ने उत्तरी ध्रुव के ऊपर से उड़ान भरते हुए सैन फ्रांसिस्को से बेंगलुरू तक की 16000 किलोमीटर की सफल उड़ान पूरी कर नया रिकॉर्ड कायम किया है।

यात्रा रही खास
आपको बतादें सैन फ्रांसिस्को से बेंगलुरु की दूरी लगभग 16,000 किलोमीटर है। और इस रूट पर उड़ने वाले विमान यूरोप या जापान से होते हुए सैन-फ्रांसिस्को से भारत की यात्रा तय करते हैं। लेकिन इस विशेष यात्रा को 4 महिला पायलटों ने परंपरागत मार्ग की बजाय उत्तरी ध्रुव के रास्ते अटलांटिक एयर रूट से पूरा करके महिला क्रू ने नया रिकॉर्ड बनाया है। इस यात्रा के बारे में बतादें यह चालक दल रविवार 10 जनवरी को सैन फ्रांसिस्को से उड़ान भरा और इस कठिन मार्ग पर विमान को उड़ा कर बेंगलुरू पहुंचा।

कौन थीं अभियान में शामिल साहसी पायलेट
एयर इंडिया के इस विशेष अभियान, जिसमें सैन फ्रांसिस्को से बेंगलुरू तक सीधी उड़ान भरने की कमान संभाली कैप्टन जोया अग्रवाल ने, कैप्टन ने कहा कि, ‘‘आज हमने महिला पायलटों के साथ उत्तरी ध्रुव के ऊपर से उड़ान भरकर दुनिया में इतिहास रचा है। इस मार्ग से यात्रा करने के चलते हमने 10 टन ईंधन की बचत की है।’’
कैप्टन जोया अग्रवाल के अलावा इस अभियान में शामिल दूसरी क्रू मेंबर थीं कैप्टन पापागरी थान्मेई, कैप्टन आकांक्षा सोनावरे और कैप्टन शिवानी मन्हास। कैप्टन शिवानी ने अपना अनुभव साझा करते हुए बताया कि, ‘‘अभूतपूर्व अनुभूति रही है, इस साहसिक अभियान को पूरा करने में करीब 17 घंटे का समय लगा है’’

किस विमान से पूरी की यात्रा
एयर इंडिया का 12 साल पुराना ‘बोइंग 777-200एलआर’ विमान इस साहसिक अभियान का गवाह बना है। इस विमान के अगले हिस्से पर ‘केरला’ लिखा है, साथ ही महात्मा गांधी की तस्वीर भी विमान पर उकेरी गई है। फ्लाइट नंबर एआई-176 से सभी क्रू मेंमबर्स ने 37,000 फुट की ऊंचाई पर 557 नॉट की स्पीड यानी 1,032 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से उड़ान भरकर इस दूरी को लगभग 17 घंटे में पूरा किया। विमान के बारे में बतादें इसमें 238 यात्रियों के बैठने की क्षमता है।

भारत में हो रही है सराहना
इस साहसिक अभियान के बारे में जो भी सुन रहा है वह इसकी तारीफ कर रहा है, केंद्रीय नागर विमानन मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने भी इस अभियान के लिए एयर इंडिया के महिला पायलटों की जम कर तारीफ की है। उन्होंने ट्वीट कर लिखा कि, ‘‘भारतीय नागर विमानन क्षेत्र की चार महिला पेशेवर पायलटों ने इतिहास रचा है। कैप्टन जोया अग्रवाल, कैप्टन पापागरी थान्मेई, कैप्टन आकांक्षा सोनावरे और कैप्टन शिवानी ने जटिलतम मार्ग उत्तरी ध्रुव के ऊपर से उड़ान भरकर सैन फ्रांसिस्को से बेंगलुरू पहुंच कर देश का नाम रोशन किया है सभी को हार्दिक बधाई।

हैदराबाद से शिकागो के लिए 15 जनवरी से शुरू होगी सीधी उड़ान
देश की सार्वजनिक विमानन कंपनी एयर इंडिया दुनिया के कई देशों के लिए सीधी उड़ान सेवा संचालित करती है। अब 15 जनवरी से हैदराबाद से शिकागो के बीच सीधी उड़ान शुरू होने जा रही है।

Pratibha Tripathi
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