Govt Scheme: इस योजना से शुरू करें खुद का बिजनेस, 10 लाख रूपए तक के लोन पर नहीं लगेगा ब्याज

गौ-संवर्धन योजना: बेरोजगार युवाओं को रोजगार उपलब्ध कराने एवं दुग्ध उत्पादन बढ़ाने के उद्देश्य से यह योजना शुरू की गई है। इस योजना में पशुपालक को ब्याज नहीं देना होता। ब्याज की राशि विभाग द्वारा जमा करवाई जाती है।

By: Deovrat Singh

Published: 17 Oct 2020, 02:58 PM IST

गौ-संवर्धन योजना: बेरोजगार युवाओं को रोजगार उपलब्ध कराने एवं दुग्ध उत्पादन बढ़ाने के उद्देश्य से यह योजना शुरू की गई है। आचार्य विद्यासागर गौ संवर्धन योजना का लाभ पशु चिकित्सा विभाग से स्वीकृति के बाद मिलता है। स्वीकृति के बाद बैंक से हितग्राहियों को लोन की राशि मिलती है। इस योजना में पशुपालक को ब्याज नहीं देना होता। ब्याज की राशि विभाग द्वारा जमा करवाई जाती है।


यह है Gau samvardhan yojana
आचार्य विद्यासागर गौ संवर्धन योजना के तहत हितग्राहियों को 10 लाख रुपए तक का ऋण प्रदान किया जाता है। इसके लिए आवश्यक है कि हितग्राही के पास कम से कम एक एकड़ जमीन का होना आवश्यक है। प्रदेश सरकार की यह योजना 2018 में शुरू की गई। इस योजना के लाभ लेने के हितग्राही ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। इसका उद्देश्य युवओं को रोजगार उपलब्ध कराना एवं दुग्ध उत्पादन में बढ़ाना है।

पात्रता
योजना सभी वर्ग के हितग्राहीयों के लिए।
हितग्राही के पास 5 पशुओं हेतु न्यूनतम 1 एकड़ कृषि भूमि होना आवश्यक है तथा पशुओं की संख्या में वृद्धि होने से आनुपातिक रूप से वृद्धि करते हुए न्यूनतम कृषि भूमि का निर्धारण किया जाएगा।
मिल्क रूट के क्रियान्वयन को प्राथमिकता।

लागत
पशुपालक न्यूनतम 5 या इससे अधिक पशु की योजना स्वीकृत करा सकेगा तथा परियोजना की अधिकतम सीमा राशि रू. 10.00 लाख तक होगी ।
परियोजना लागत का 75 प्रतिशत राशि बैंक ऋण के माध्यम से प्राप्त करनी होगी तथा शेष राशि की व्यवस्था मार्जिन मनी सहायता एवं हितग्राही का स्वयं के अंशदान के रूप में करनी होगी।
इकाई लागत के 75 प्रतिशत पर या हितग्राही द्वारा बैंक से प्राप्त ऋण पर जो भी कम हो 5 प्रतिशत वार्षिक ब्याज की दर से (अधिकतम रू. 25,000 प्रतिवर्ष) ब्याज की प्रतिपूर्ति 7 वर्षों तक विभाग द्वारा की जाएगी। 5 प्रतिशत से अधिक शेष ब्याज दर पर ब्याज की प्रतिपूर्ति हितग्राही को स्वयं करना होगी।

चयन प्रक्रिया
हितग्राहियों का ग्राम सभा में अनुमोदन। ग्राम सभा से अनुमोदित हितग्राहियों का जनपद पंचायत की सभा में अनुमोदन। जनपद पंचायत के अनुमोदन उपरांत जिले के उप संचालक पशुपालन विभाग अनुमोदित प्रकरण को स्वीकृति हेतु बैंक को प्रेषित कर स्वीकृति प्राप्त करेगें।

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