दर्द से स्ट्रेचर पर तड़प रही थी गर्भवती महिला, अस्पताल के जल्लादों ने सामने रख दी ऐसी डिमांड और फिर...

दर्द से स्ट्रेचर पर तड़प रही थी गर्भवती महिला, अस्पताल के जल्लादों ने सामने रख दी ऐसी डिमांड और फिर...

Sunil Chaurasia | Publish: Sep, 10 2018 01:22:38 PM (IST) हॉट ऑन वेब

सीएचसी अधीक्षक डॉ. आनंद पांडेय ने पल्ला झाड़ते हुए कहा कि उनके अस्पताल में इस नाम का कोई मरीज आया ही नहीं था।

नई दिल्ली। महिला दर्द के मारे मरी जा रही थी, लेकिन अस्पताल वालों के अपने ही तेवर थे जो सातवें आसमान में थे। एक औरत ज़िंदगी और मौत से लड़ती रही, लेकिन उन्हें आधार कार्ड चाहिए था। बस फिर क्या था, वही हुआ..जिसका डर था। महिला ने स्ट्रेचर पर लेटे-लेटे ही दम तोड़ दिया। पूरा मामला यूपी के हरदोई जिले का है, जहां प्रसव के दर्द से तड़प रही महिला के इलाज में लापरवाही की हदें पार कर दी गईं। जिसके बाद शुक्रवार की रात उसके परिजन महिला को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले गए। लेकिन आधार कार्ड न होने की वजह से अस्पताल ने दर्द से तड़पती महिला को भर्ती करने से मना कर दिया।

महिला के घर वाले अस्पताल वालों के आगे रोते रहे, गिड़गिड़ाते रहे, लेकिन उन जल्लादों ने किसी की एक नहीं सुनी। लिहाज़ा सिस्टम से हारकर परिजन महिला को लेकर वापस घर लौट गए। इलाज के अभाव में शनिवार की देर रात महिला ने दम तोड़ दिया। बता दें कि गर्भवती महिला का ससुराल फर्रुखाबाद में है, जो अपने मायके हरदोई आई हुई थी। परिजनों ने बताया कि गंगा में आई बाढ़ की वजह से मृतका संता (21) का पति उसे मायके ले आया था। संता के पिता ने बताया कि हरपालपुर सीएचसी के कर्मचारियों ने अस्पताल में भर्ती करने के लिए उसका आधार कार्ड मांगा था। उन्होंने कहा कि बिना आधार भर्ती नहीं करेंगे।

संता के परिजनों की मानें तो वे महिला को घर लाने के बाद पैसों का इंतज़ाम कर रहे थे, ताकि वे अपनी बेटी को किसी प्राईवेट अस्पताल में भर्ती करा सकें। लेकिन उससे पहले ही महिला की मौत हो गई। पूरे मामले पर सीएचसी अधीक्षक डॉ. आनंद पांडेय ने पल्ला झाड़ते हुए कहा कि उनके अस्पताल में इस नाम का कोई मरीज आया ही नहीं था। तो वहीं दूसरी ओर सीएमओ डॉ. एसके रावत ने कहा कि ये मामला उनके संज्ञान में नहीं है। फिलहाल उन्होंने मामले की जांच कराने की बात कही है और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई का आश्वासन दिया है।

Ad Block is Banned