नवजात शिशु के लिए बेहद घातक है वायु प्रदूषण, जानें इससे बचने के उपाय

स्टेट ऑफ ग्लोबल एयर 2020 की ओर से जारी रिपोर्ट के मुताबिक दुनिया भर में वायु प्रदूषण के कारण 5 लाख से अधिक शिशुओं की मौत हो जाती है।

By: Vivhav Shukla

Published: 20 Nov 2020, 05:29 PM IST

नई दिल्ली। इंसान को जिंदा रहने लिए सांस लेना सबसे जरूरी है। लेकिन क्या हो अगर इंसान जहर वाली हवा की सांस ले। निश्तिच है कि सांस लेना ही उसके मौत का कारण बन सकती है। खासकर नवजात शिशुओं के लिए वायु प्रदूषण बेहद खतरनाक है । एक रिपोर्ट के मुताबिक एक साल में लाखों बच्चे जहरीली हवा की वजह से अपनी जान गंवा देते हैं।

अलर्ट: ओजोन का घट रहा स्तर, वायु प्रदूषण खतरनाक स्तर पर

5 लाख से अधिक शिशुओं की मौत

स्टेट ऑफ ग्लोबल एयर 2020 की ओर से जारी रिपोर्ट के मुताबिक दुनिया भर में वायु प्रदूषण के कारण 5 लाख से अधिक शिशुओं की मौत हो जाती है। रिपोर्ट के अनुसार अत्यधिक प्रदूषण में पलने वाले बच्चे यदि बच भी जाते हैं तो उन्हें ढेरों बीमारियां घेर लेती हैं। रिपोर्ट के मुताबिक भारत में भारत में वायु प्रदूषण से मौत का आंकड़ा स्वास्थ्य संबंधी कारणों से होना वाली मौत को लेकर तीसरा सबसे खतरनाक कारण है।

543000 नवजात में श्वसन समस्या

‘साइंस एडवांसेज’ नामक शोध पत्रिका में प्रकाशित एक रिसर्च के अनुसार पिछले साल 1.16 लाख नवजात बच्चों की मौत वायु प्रदूषण की वजह से हुई थी। इसके अलाव WHO की साल 2016 की रिपोर्ट के अनुसार 543000 नवजात में श्वसन समस्या, कोग्निटिव विकास और अन्य लम्बी चलने वाली बीमारियां देखी गई।

रोज हवाई सफर करने वालों ने दुनिया को खतरे में डाला, दुनिया के एक फीसदी लोगों ने हवा में घोला करोड़ों टन जहर

बच्चों को प्रदूषण से कैसे बचाएं

  • बच्चों को सांस सम्बंधित बीमारियों से बचाने के लिए घर पर एयर प्यूरीफायर लगाए। इसकी मदद से अशुद्ध हवा को घर से बाहर निकाला जा सकता है।
  • छोटे बच्चों को लेकर बाहर जाने से बचें। नवजात बच्चों को बाहर ले जाने से बचना चाहिए और बड़े बच्चों को मास्क पहनना चाहिए।
  • बच्चों को परफ्यूम और पेंट जैसी चीजों से दूर रखें। इनकी हवा में हानिकारक कण छोड़ते हैं जिसने नवजात बच्चों को दूर रखना अहम बात है। छोटे बच्चों को इन पदार्थों को कोसों दूर रखने में ही भलाई है।
  • बच्चे के हर बीमारी से बचाने के लिए सबसे कारगर है मां का दूध। ये बच्चे के लिए सबसे पौष्टिक आहार है। इसलिए कम से कम 6 महीने तक शिशु को नियमित स्तनपान करवाएं।
Vivhav Shukla
और पढ़े
हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति और कूकीज नीति से सहमत होते हैं।
OK
Ad Block is Banned