खूंखार कैदियों के बीच तिहाड़ जेल में दिखा हिन्दू-मुस्लिम भाईचारे, सभी कैदियों ने रखें रोजे

Highlights

-तिहाड़ जेल में हिंदू- मुस्लिम भाइयों ने मिसाल पेश की है

-एक खूंखार कैदियों तिहाड़ जेल इन दिनों चर्चा का विषय बना हुआ है। हिंदू-मुस्लिम के बीच रोजेदारी की साझेदारी हुई

-तिहाड़ जेल में अलग ही नजारा देखने को मिला जहां न कोई मुस्लिन न कोई हिंदू था यहां सिर्फ मानवता व प्रेम आपसी भाईचारा दिखा

By: Ruchi Sharma

Published: 09 May 2020, 12:08 PM IST

नई दिल्ली. एक ओर लोग जहां धर्म-जाति के नाम पर छोटी-छोटी बात पर जान के दुश्मन बन जाते हैं, खून-खराबे पर उतर आते हैं, वहीं तिहाड़ जेल में हिंदू- मुस्लिम भाइयों ने मिसाल पेश की है। एक खूंखार कैदियों तिहाड़ जेल इन दिनों चर्चा का विषय बना हुआ है। हिंदू-मुस्लिम के बीच रोजेदारी की साझेदारी हुई।


तिहाड़ जेल में अलग ही नजारा देखने को मिला जहां न कोई मुस्लिन न कोई हिंदू था यहां सिर्फ मानवता व प्रेम आपसी भाईचारा दिखा। तिहाड़ सहित दिल्ली राज्य की बाकी दोनों जेलों में भी मुस्लिम कैदियों के साथ हजारों हिंदू कैदियों ने भी रोजे रखे हैं। इस सौहार्द को चरम पर पहुंचाने का काम कर रहा है तिहाड़ जेल प्रशासन।


9 जेलों में 1500 कैदी ने रखें रोजे

सूत्रों के मुताबिक, दिल्ली की तिहाड़ जेल में तो हिंदू मुस्लिम एकता की मिसाल कैदियों ने कायम हर बार की तरह की ही है। इस बार मंडोली और रोहिणी जेल के हिंदू कैदियों ने मुस्लिम कैदियों के साथ मिलकर रोजे रखे हैं। ऐसे हिंदू कैदियों की करीब 2000 के आसपास संख्या है। हालांकि इन जेलों में 25 अप्रैल से शुरू रमजान के शुरुआती दिनों में 30 अप्रैल तक रोजेदारों की संख्या कम थी। मौजूदा वक्त में तिहाड़ की ही 9 जेलों में 1500 कैदी रोजे रख रहे हैं। जबकि रोहिणी और मंडोली जेल में इनकी संख्या 2000 के आसपास बताई जाती है। इन दो हजार में 125 के आसपास वो हिंदू कैदी हैं जो रमजान के महीने में रोजे रख रहे हैं।

रोजा खोलने के लिए किया गया अलग इंतजाम

इन रोजेदार कैदियों को जेल में रोजा खोलने के भी विशेष इंतजाम किये गये हैं। हर जेल कैंटीन में रोजा खोलने के लिए खजूर, फल, मिठाई जैसा जरूरी सामान मुहैया कराया गया है। इतना ही नहीं रोजेदारों को रोजा खोलने के वक्त विशेष भोजन का भी इंतजाम किया गया है। जेल सूत्रों के मुताबिक, बहुत से कैदियों ने तो जेल में मौजूद सिलाई करने वाले कैदियों से अपने लिए नये कपड़े भी तैयार करवाना शुरू कर दिया है। ताकि ईद का पर्व सौहार्दपूर्वक मनाया जा सके।

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