नागलोक में छिपा है भीम के 10 हजार हाथियों के बल का राज, महाभारत में भी है वर्णन

  • Mystery Of Bhima : भीम की ताकत देख दुर्योधन में आ गई थी नफरत की भावना, लेना चाहते थे बदला
  • खाने में विष देकर भीम को मारने की रची गई थी साजिश, नागलोक में मिला नया जीवन

By: Soma Roy

Published: 26 Aug 2020, 06:54 PM IST

नई दिल्ली। पांडवों (Pandava) में सबसे ज्यादा शक्तिशाली भीम (Bhima) को माना जाता है। उनमें 10 हजार हाथियों के बराबर शक्ति थी। उनको देख बड़े—बड़े सूरमा मैदान छोड़कर भाग जाते थे, लेकिन क्या आपको पता है भीम के इस बल का राज क्या है। दरअसल महाभारत (Mahabharata) में दिए गए वर्णन के अनुसार भीम की ताकत का राज नागलोक में छिपा है। यहां वे 8 दिनों तक सोकर बलशाली बन गए थे।

पौराणिक धर्मग्रंथो के अनुसार भीम बचपन से ही काफी शक्तिशाली थे। वह दौड़ने में, निशाना लगाने या कुश्ती लड़ने, सभी खेलों में धृतराष्ट्र के पुत्रों यानी कौरवों को हरा देते थे। इससे दुर्योधन भीम से जलने लगे। उन्होंने बदला लेने के लिए उदकक्रीडन नामक स्थान पर एक शिविर का आयोजन किया। वहां खेल-कूद के साथ खाने की भी व्यवस्था थी। इसमें पांडव भी शामिल हुए। मौका पाकर दुर्योधन ने भीम के खाने में जहर मिला दिया और उन्हें गंगा नदी में फेंक दिया।

भीम बेहोश होकर पानी में डूबते हुए सीधे नागलोक पहुंच गए। यहां भंयकर विषैले सांपों ने भीम को डस लिया। जिससे उनके शरीर में मौजूद विष का प्रभाव कम हो गया। जब भीम को होश आया तो वे सांपों को देख उन्हें मारने लगे। भीम के क्रोध को देख सांप डर गए और वे नागराज की शरण में चले गए। नागराज वासुकि आर्यक नाग के साथ खुद भीम के पास गए। वहां जाते ही आर्यक नाग ने भीम को पहचान लिया। नागराज ने भीम को ऐसे 8 कुण्डों का रस पिलाया जिसमें करीब 10 हजार हाथियों का बल था। इसे पीने के बाद भीम 8 दिनों के लिए सो गए। जब वे होश में आए तो वे पहले से ज्यादा बलवान हो गए।

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