इंटीरियर डिजाइनर के रूप में बना सकते हैं शानदार कॅरियर

12वीं के बाद आप सीधे इंटीरियर डिजाइनिंग, फर्नीचर डिजाइन, सिरेमिक और ग्लास डिजाइन सहित अन्य समान पाठ्यक्रमों में बैचलर ऑफ डिजाइन कोर्स कर सकते हैं।

By: सुनील शर्मा

Published: 17 Nov 2020, 05:50 PM IST

क्या आपको हमेशा अपने इंटीरियर डिजाइन को लेकर तारीफ मिलती है? क्या आप कमरों को सजाने के साथ साथ फर्नीचर को व्यवस्थित करना पसंद करते हैं? अगर ऐसा है तो इंटीरियर डिजाइन में कॅरियर आपके लिए सही हो सकता है। सरल शब्दों में कहें तो इंटीरियर डिजाइनर वह है जो लोगोंके घरों के इंटीरियर को डिजाइन करता है। वैसे, एक इंटीरियर डिजाइनर को वास्तुकला, रंग योजनाओं, इंटीरियर को बनाने में उपयोग की जाने वाली सामग्रि, उनकी लागत, कहां से मिलती हैं और किन शैलियों का चलन है, इसकी जानकारी होनी बहुत जरूरी है।

शैक्षणिक योग्यता
12वीं के बाद आप सीधे इंटीरियर डिजाइनिंग, फर्नीचर डिजाइन, सिरेमिक और ग्लास डिजाइन सहित अन्य समान पाठ्यक्रमों में बैचलर ऑफ डिजाइन कोर्स कर सकते हैं। कोर्सेस के भले ही अलग अलग नाम हो, लेकिन उनके पाठ्यक्रम पर एक नजर डालें तो आपको इनके बीच का अंतर पता चल जाएगा और क्या करना है। इसके अलावा आप इसमें स्नातकोत्तर एमडेस कोर्स के साथ साथ कई अन्य डिप्लोमा कोर्स भी कर सकते हैं। एक बात का ध्यान रखें की सभी कॉलेजों की अपने प्रवेश/योग्यता परीक्षाएं होती हैं।

भविष्य की संभावनाएं
इंटीरियर डिजाइनर इन दिनों मांग में हैं, इसलिए नहीं कि अपने घरों को डिजाइन करवाने वालों की संख्या बढ़ रही है, बल्कि उन रेस्त्रां, दुकानों, कार्यालयों आदि में भी इनकी मांग है जो अपने खाली पड़े स्थानों को डिजाइन करवाना चाहते हैं। आजकल सौंदर्यशास्त्र किसी भी ऑफिस स्पेस का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है। प्रत्येक कार्यस्थल को कुशल डिजाइनर की जरूरत होती है जो काम को जल्दी से पूरा करने में मदद करता है।

रचनात्मक कल्पना होनी चाहिए
कॅरियर के रूप में इंटीरियर डिजाइन को आगे बढ़ाने के लिए, सबसे पहले और सबसे महत्वपूर्ण है कि आपमें एक रचनात्मक कल्पना होनी चाहिए। इंटीरियर डिजाइन एक बहुत ही रचनात्मक पेशा है जो मूल कला के साथ साथ व्यवहारिक काम की भी मांग करता है। ग्राहकों को क्या पसंद है, वैसा काम करने पर आपकी अच्छी छवि बनती है। यह रचनात्मक और मिलनसार लोगों के लिए अच्छा कॅरियर है।

और भी जानकारी जरूरी
इंटीरियर डिजाइनर बनने के लिए सिर्फ फर्नीचर, रंग की ही जानकारी होना जरूरी नहीं है, कई अन्य कार्य भी होते हैं जो उन्हें जानना बेहद जरूरी होता है। उन्हें डिजाइनों का इतिहास, इमारतों की संरचनात्मक अखंडता, बिल्डिंग कोड, स्थानिक अवधारणा, नैतिकता, मनोविज्ञान, कंप्यूटर एडेड ड्राइंग आदि की जानकारी होनी चाहिए ताकि कॅरियर में फायदा मिले।

पकड़ बनाना जरूरी
सरल शब्दों में, एक इंटीरियर डिजाइनर एक ऐसा व्यक्ति होता है जो लोगों के घरों के इंटीरियर को डिजाइन करता है। लेकिन, उनका काम वहीं खत्म नहीं होता है। डिजाइनर सिर्फ घरों को ही डिजाइन नहीं करते हैं, बल्कि अपने ग्राहकों के लिए सुविधा और सुंदरता के बीच सही संतुलन बनाता है। वे उन सभी सामान का ध्यान रखते हैं, जिनका घर में होना बेहद जरूरी होता है और किस तरह से उन्हें घर में सजाया जाए।

पसंद अहम
इंटीरियर डिजाइनर अपने ग्राहकों को चुनने के लिए डिजाइन शैलियों की एक विस्तृत श्रृंखला की पेशकश कर सकते हैं। इस बात को ध्यान में रखना जरूरी है कि ग्राहकों पर निर्भर करता है कि वे किस शैली को पसंद करते हैं। सिर्फ इसलिए कि डिजाइनर को डिजाइन का अच्छा ज्ञान होता है, इसका मतलब यह नहीं कि वे ग्राहकों को पसंद आए। उनका काम होता है कि वे विभिन्न डिजाइन पेश करें।

सुनील शर्मा
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