वो देश, जहां आलू के अकाल के चलते चली गई थी लाखों लोगों की जान !

  • साल 1845 में Ireland में P. infestans का फंगस पैदा हुआ था। जो आलुओं की फसल को बर्बाद कर रहा था। इस फंगस ने उस साल आधी से ज्यादा आलुओं की फसल तबाह कर दी।
  • ये फंगस पूरे सात साल वहां कि आलू की फसल को तबाह करता रहा। लेकिन इसके थमने तक यहां बहुत कुछ तबाह हो चुका था।

By: Vivhav Shukla

Published: 24 Aug 2020, 12:18 AM IST

नई दिल्ली। दुनियाभर में कोरोना वायरस (Coronavirus) का संक्रमण तेजी से फैल रहा है। ताजे आंकड़े के मुताबिक 3 करोड़ के करीब लोग इस वायरस से संक्रमित हो चुके हैं। जबकि 8 लाख से अधिक लोगों की जान जा चुकी है। कोरोना से अमेरिका (Corona in America) बुरी तरह से प्रभावित हैं। यहां अब तक साढ़े 12 लाख से ज्यादा की आबादी वायरस से संक्रमित है, जबकि 74 हजार मौतें हो चुकी हैं.। यहां के नेटिव अमेरिकी Choctaw Nation को आयरलैंड की लगतार मदद भेजी से जा रही है। इस मदद के पीछे की वजह भी एक मदद ही है जो सालों पहले Choctaw Nation ने की थी।

दरअसल, साल 1845 में Ireland में P. infestans का फंगस पैदा हुआ था। जो आलुओं की फसल को बर्बाद कर रहा था। इस फंगस ने उस साल आधी से ज्यादा आलुओं की फसल तबाह कर दी। ये फंगस पूरे सात साल वहां कि आलू की फसल को तबाह करता रहा। लेकिन इसके थमने तक यहां बहुत कुछ तबाह हो चुका था।

इन सात सालों में 10 लाख से ज्यादा आयरिश (Irish) लोगों की भुखमरी और खराब आलू खाने से मौत हो गई थी। जबकि 10 लाख से भी ज्यादा लोग आयरलैंड (Ireland ) छोड़कर दूसरे देशो चले गए। एक रिपोर्ट के मुताबिक इन सालों में आयरलैंड की आबादी लगभग 25 प्रतिशत तक कम हो गई थी।

जब ये अकाल पड़ा था तब ग्रेट ब्रिटेन और आयरलैंड (Great Britain and Ireland) के यूनाइटेड किंगडम (United Kingdom) का हिस्सा था। उस वक्त आयरिश नेताओं ने क्वीन विक्टोरिया को भुखमरी फैलने के बारे में बताया और लोगों की मदद करने के लिए अपील किया। इसके बाद क्वीन विक्टोरिया ने कॉर्न लॉ वापस ले लिया। जिसके बाद अनाज की कीमत अपेक्षाकृत कम हो गई, लेकिन तब भी भुखमरी खत्म नहीं हो सकी।

भुखमरी की एक वजह ये भी थी कि 19वीं सदी में आयरलैंड बहुत गरीब था। यहां के लोग खेती करके ही अपना परिवार पालते थे। यहां आलू ही मुख्य फसल थी। लगभग आयरलैंड की 70 फीसदी आबादी आलू के दम पर जिंदा थी। ऐसे में यहा आलू की बर्बादी ने सब कुछ बर्बाद कर दिया। । नतीजा ये हुआ कि देश की लगभग 10 लाख आबादी खत्म हो गई और इसके आस पास के करीब लोग उत्तरी अमेरिका और ब्रिटेन चले गए।

इस महान संकट में आयरलैंड के लोगों के लिए नेटिव अमेरिकन लोगों यानी Choctaw ने बहुत मदद की। नेटिव अमेरिकन लोगों ने थोड़े-थोड़े पैसे जमा करके लगभग 170 डॉलर की मदद भेजी थी। यही छोटी सी मदद के बदले आज आयरलैंड उनकी मदद कर रहा है। क्राउडफंडिंग वेबसाइट के जरिए आयरलैंड अब तक 23 लाख डॉलर से अधिक की रकम नेटिव अमेरिकन (Native american) लोगों क भेज चुका है।

 
Vivhav Shukla
और पढ़े
हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति और कूकीज नीति से सहमत होते हैं।
OK
Ad Block is Banned