एक ऐसा शहर, जहां घरों की बजाए गुफाओं में रहते हैं लोग !

इटली का मटेरा (Matera) शहर कई साल तक गरीबी, पिछड़ेपन के चलते राष्ट्रीय अपमान की चीज माना जाता था। लेकिन अब दौर बदल गया है। अब इसे देश की सांस्कृतिक राजधानी (European Capital of Culture) घोषित कर दिया गया है। लेकिन मटेरा (Matera)। के भुखमरी से सांस्कृतिक राजधानी (European Capital of Culture) बनने की कहानी बेहद दिलचस्प है।

 

By: Vivhav Shukla

Published: 30 Jun 2020, 08:35 PM IST

नई दिल्ली। इटली (Italy) में एक शहर है। नाम है मटेरा (Matera)। ये शहर कुछ सालों पहले भुखमरी, महामारियों, गरीबी और अपने पिछड़ेपन के लिए दुनियाभर में सिटी ऑफ शेम ( city of shame ) के नाम जाना जाता था। लेकिन समय बदला और ऐसा बदला की ये देश के अमीर और विकाशसील शहरों में से एक हो गया। साल 2019 में इटली सरकार ने इसे दश की सांस्कृतिक राजधानी (European Capital of Culture) घोषित भी किया है। इस शहर की सबसे खास बात ये है कि यहां आने वाले पर्यटकों महज 22 डॉलर (करीब 1538 रुपए) चुकाकर टेम्परेरी सिटीजन बन सकते हैं और दक्षिणी रोम के 400 किमी इलाके को पूरे साल घूम सकते हैं।

 
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कैसे बदला मटेरा?

मटेरा (Matera)। के भुखमरी से सांस्कृतिक राजधानी (European Capital of Culture) बनने की कहानी भी दिलचस्प है। साल 1950 के बाद इस शहर के इसे छोड़कर जाने लगे थे। अगले ही कुछ सालों में लगभग 50 हजार से अधिक लोग यहां से जा चुके थे। धीरे-धीरे शहर की आबादी कम हो गई। इसके कुछ साल बाद यहां कुछ फिल्मकार आए। उन्हें ये शहर भी गया। क्योंकि यहां रहना खाना दोनो सस्ता था।

इसके बाद कई फिल्ममेकर यहां आकर फिल्में बनाते गए। धीरे-धीरे शहर का सुधार होता चला गया। मटेरा सिटी ऑफ शेम से येरुशलम ऑफ द वेस्ट कहा जाने लगा। साल 1993 में UNESCO ने इसे वर्ल्ड हैरिटेज (world heritage) में शामिल किया। प्राकृतिक सुंदरता के कारण यहां ऐतिहासिक फिल्मों की शूटिंग भी होने लगी। पर्यटकों की भारी भीड़ हर साल यहां आने लगी और शहर फिर से जगमगाने लगा।

 
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तीसरी शताब्दी में बसा था मटेरा

इटली के दक्षिण में बसा ये शहर देश के प्राचीनतम शहरों में से है, जिसे रोमन शासकों ने तीसरी शताब्दी में बसाया था। माना जाता है कि धरती पर जीवन की शुरुआत यानी पेलिओलिथिक पीरियड के साथ ही सबसे पहले इस जगह पर जीवन पनपा और फिर इंसानी रिहाइश शुरू हुई।

यहां लोग पूरी तरह से गुफाओं में रहते थे। गुफाओं के ही बीच में होने की वजह से मटेरा आधुनिक सभ्यता से कोसों दूर रहा। यहां तक कि यहां के रहने वाले लोग गुफाओं में रहते और जंगली फल-मूल खाना पसंद करते। दक्षिणी इटली के कोने में होने के कारण यहां ली, पानी और चिकित्सा सुविधाएँ की भी समस्या थी। जिसके चलते यहां के लोग इनसब की व्यवस्था खुद करते थे।

 
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गुफाएं बन गई होटल

वर्ल्ड हैरिटेज (world heritage) में शामिल होने के बाद यहां की रंगत में बदलाव होने लगा। जिसकी वजह से यहां के लोगों को रोजगार मिला। लेकिन दिलचस्प बात ये है कि अब भी शहर में लोग पैदल ही चलते हैं। इसकी वजह है शहर को प्रदूषण से रखना। गुफाओं के इस शहर में जाने वाले लोग गुफा में ही रहते, खाते और सोते हैं । हालांकि गुफाओं में होटलों और रेस्तरां खोल दिए गए हैं लेकिन ये अब भी पहले की तरह ही दिखते हैं।

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Vivhav Shukla
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