जानें कौन हैं सबरीमाला मंदिर में प्रवेश करने वाली दो महिलाएं, यूं रचा इतिहास

बुधवार देर रात बिंदु और कनकदुर्गा ने सबरीमाला मंदिर में भगवान अयप्पा का दर्शन कर हजारों साल की उस परंपरा को तोड़ दिया कि 'प्रतिबंधित आयु वर्ग' की महिलाएं मंदिर में प्रवेश नहीं कर सकतीं।

Vinay Saxena

January, 0311:48 AM

नई दिल्ली: सुप्रीम कोर्ट के आदेश के तीन महीने बीतने के बावजूद महिलाएं सबरीमाला मंदिर में प्रवेश नहीं कर पा रही थीं, लेकिन बुधवार को दो महिलाओं ने हजारों साल की परंपरा को आखिरकार तोड़ ही दिया। आइए जानते हैं कौन हैं ये दो महिलाएं जिन्होंने हिम्मत दिखाई और मंदिर में प्रवेश किया।

बिंदू अम्मिनी

बिंदू की उम्र 42 साल है। वह कन्नूर यूनिवर्सिटी में लीगल स्टडीज की असिस्टेंट प्रफेसर हैं। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, बिंदू कानू सान्याल की पार्टी में राज्य सचिव भी रह चुकी हैं। हालांकि, पिछले करीब दस सालों से वह राजनीति में सक्रिय नहीं हैं।

कनकदुर्गा

रुढ़िवादी नायर परिवार से ताल्लुख रखने वाली 44 साल की कनकदुर्गा सिविल सप्लाई कॉर्पोरेशन आउटलेट में असिस्टेंट मैनेजर हैं। कनकदुर्गा का परिवार उनके इस फैसले के खिलाफ है। उन्होंने अपने परिवार के खिलाफ जाकर सबरीमाला में प्रवेश किया।

कड़ी कर दी गई दोनों की सुरक्षा

बता दें, बिंदू और कनकदुर्गा ने बुधवार तड़के 3:30 बजे मंदिर में प्रवेश किया और भगवान अयप्पा के दर्शन किए। इस दौरान उनके साथ सिविल ड्रेस में 6 पुलिसवाले भी मौजूद थे। अब बिंदू और कनक के साथ दोनों के घरों में सुरक्षा कड़ी कर दी गई है।

 

Vinay Saxena
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