Sawan 2020: भगवान शंकर की वो रहस्यमई गुफा, जिसका आजतक नहीं सुलझ पाया राज !

इस गुफा (Patal Bhuvaneshwar Cave Temple) की सबसे खास बात तो यह है कि यहां एक शिवलिंग है जो लगातार बढ़ रहा है। यहां शिवलिंग (Shivling) को लेकर यह मान्यता है कि जब यह शिवलिंग गुफा की छत को छू लेगा, तब दुनिया खत्म हो जाएगी।

By: Vivhav Shukla

Published: 20 Jul 2020, 11:06 PM IST

नई दिल्ली। सनातन धर्म (sanatan dharma) में भोले को सबसे दयालु माना जाता है। ब्रह्मा, विष्णु व महेश यानि शिव, इन तीनों देवों को लेकर कई तरह के रहस्य बने हुए हैं। पुराणों के अनुसार ब्रह्मा की उत्पत्ति जहां भगवान विष्णु की नाभि से मानी जाती है, वहीं शिव (Lord Shiv) की उत्पत्ति को लेकर अलग अलग धारणाएं हैं। इसके साथ ही हर भगवान का अगल अगल जगह मंदिर बना हुआ लेकिनआज हम आपको एक ऐसे गुफा के बारे में बताने जा रहे हैं जहां हिंदू धर्म के 33 करोड़ देवी-देवता एकसाथ निवास करते हैं। इसके अलावा भी इस गुफा को बारे कई बातें अब भी रहस्य बनी हुई है।

पाताल भुवनेश्वर गुफा(Patal Bhuvaneshwar Cave Temple) है नाम

इस गुफा का नाम पाताल भुवनेश्वर गुफा(Patal Bhuvaneshwar Cave Temple) है। जो उत्तराखंड के गंगोलीहाट (Gangolihat ) गांव के पास स्थित है। ये गुफा अपने सीने में कई राज दफनाए हुए है। इस गुफा का उल्लेख कई पुराणों में भी किया गया है। इस गुफा के बारे में बताया जाता है कि इसमें दुनिया के समाप्त होने का भी रहस्य छुपा हुआ है। इस गुफा का नाम पाताल भुवनेश्वर है। पुराण में पाताल भुवनेश्वर गुफा को भगवान शिव का निवास स्थान माना जाता है।

सभी देवी-देवता आकर शिव (Shiv) की आराधना करते हैं

पुराणों के अनुसार यहां सभी देवी-देवता आकर शिव जी की आराधना करते हैं। गुफा के अंदर का नजारा बेहद ही अलग है। जो इस गुफा में जाता है वो वो बाहर की दुनिया को भूलकर उसके रहस्यों में खो जाता है। अंदर जाने पर आपको पाता चलेगा कि गुफा के अंदर एक अलग ही दुनिया बसी हुई है।

तांबे का शिवलिंग (Shivling) है मौजूद

पौराणिक मान्यताओं के अनुसार इस गुफा की खोज आदि जगत गुरु शंकराचार्य (Adi Shankara) ने की थी। इसके अलावा ये भी कहा जाता है कि मान्यता ये द्वापर युग में पांडवों ने यहां शंकर भगवान (Lord Shiv) के साथ चौपाड़ खेला था। कलयुग में जब जगत गुरू शंकराचार्य को 772 ई. के आसपास इस गुफा से साक्षात्कार हुआ तो उन्होंने यहां तांबे का एक शिवलिंग स्थापित किया।

खत्म हो जाएगी दुनिया

गुफा के अंदर जाने के लिए लोहे की जंजीरों का सहारा लेना पड़ता है यह गुफा पत्थरों से बनी हुई है इसकी दीवारों से पानी रिश्ता रहता है जिसके कारण यहां के जाने का रास्ता बेहद चिकना है। गुफा में शेष नाग के आकर का पत्थर है उन्हें पृथ्वी पकड़ते देखा जा सकता है। इस गुफा की सबसे खास बात तो यह है कि यहां एक शिवलिंग है जो लगातार बढ़ रहा है। यहां शिवलिंग को लेकर यह मान्यता है कि जब यह शिवलिंग गुफा की छत को छू लेगा, तब दुनिया खत्म हो जाएगी। इसके अलावा इस गुफा को लेकर एकमान्यता ये भी है कि भगवान शिव ने गणेश जी का सिर काटने के बाद यहीं पर रखा था, जिसे आज भी पूजा जाता है।

 
Vivhav Shukla
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