Mahalaxmi Vart 2020: आज दोपहर से शुरू हुआ मां महालक्ष्मी के व्रत का मुहुर्त, जानें विधि और उद्यापन के बारें

आज यानी कि मंगलवार की दोपहर 12 बजकर 12 से महालक्ष्मी व्रत ( Mahalaxmi Vart 2020 ) के मुहुर्त की शुरूआत हो गई है। 25 अगस्त से 10 सिंतबर तक यह व्रत चलेंगे। जानें मां को कैसे खुश करें।

By: Shweta Dhobhal

Published: 25 Aug 2020, 01:03 PM IST

नई दिल्ली। आज यानी कि 25 अगस्त से दोपहर 12 बजकर 12 मिनट पर महालक्ष्मी के व्रत ( Mahalaxmi Vart 2020 ) का मुहुर्त शुरू हो गया है। हिंदु कैंलेंडर के मुताबिक, भाद्रपद मास के शुक्ल पक्ष की अष्टमी तिथि को महालक्ष्मी का व्रत रखा जाता है। यह व्रत 16 दिनों तक चलता है। महालक्ष्मी के व्रत का समापन आश्विन मास के कृष्ण पक्ष की आष्टमी में किया जाता है। कहा जाता है कि जो भी व्यक्ति मां महालक्ष्मी के व्रत रखते हैं उन्हें सुख, धन, समृद्धि और सुखद परिवार का सुख प्राप्त होता है। चलिए आज इस खास अवसर आपको बताते हैं महालक्ष्मी व्रत की विधी और मंत्र।

Mahalaxmi Vart 2020

पूजा का मुहुर्त

मंगलवार दोपहर 12 बजकर 12 मिनट पर अष्टमी तिथि की शुरूआत हो जाएगी। साथ ही इस मुहुर्त में मां की आराधना करें। यह 10 सिंतबर 2020 तक चलेगा।

कैसे करें मां महालक्ष्मी की पूजा

मां महालक्ष्मी जी की पूजा करने से पहले सवेरे स्नान करें। माता की मिट्टी की मूर्ति की स्थापना करें। मां को लाल, गुलाबी, पीले रंगों के वस्त्रों से सजाएं। पूजा में चंदन, फूल माला, दूर्वा, नारियल,लाल सूत, फल मिठाई, सुपारी और पत्र आदि माता को भेंट करें। पूजा के दौरान मां को सफेद कमल के फूल, दूर्वाऔ कमलगट्टा जरूर चढ़ाएं। सफेद बर्फी और किशमिश से मां को भोग लगाएं। पूजा के समय महालक्ष्मी मंत्र या बीज का उच्चारण करें आरती कर लें।

कौन से मंत्र का जाप करें

श्री लक्ष्मी महामंत्र

“ओम श्रीं ल्कीं महालक्ष्मी महालक्ष्मी एह्येहि सर्व सौभाग्यं देहि मे स्वाहा।।”

श्री लक्ष्मी बीज मन्त्र

“ओम श्रींह्रीं श्रीं कमले कमलालये प्रसीद प्रसीद श्रीं ह्रीं श्रीं ॐ महालक्ष्मी नम:।।”

ऐसे करें महालक्ष्मी के व्रत का उद्यापन

25 अगस्त से लेकर 10 सिंतबर तक चलने वाले माता के व्रत का उद्यापन विधिपूर्वक करें। जब आप महालक्ष्मी के व्रत की शुरूआत करें उस वक्त अपने हाथ में हल्दी से रंगे रक्षासूत्र की 16 गांठे लगाकर अपने हाथ में बांध लें। मां को जो भी चीज़ें पसंद हैं उन्हें उनके समक्ष रखें। ध्यान रखें उद्यापन के दिन याद से 16 वस्तुओं का दान करें। जिसमें आप मां का श्रृंगार दान जरूर करें। जिसमें लाल चुड़िया, बिंदी, चुन्नी, कंघा, रिबन, फल,रंग, सिंदूर, और शीशा इत्यादि हो। पूजा के बाद मां महालक्ष्मी की आरती करें।

Shweta Dhobhal
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