इस गांव में जन्म लेते ही बच्चों के जोड़ दिए जाते है रिश्ते, शादी तोड़ देने पर मिलती है सजा

  • श्योपुर जिले में बंजारा समाज के लोग रहते है
  • बंजारा समाज के इन पांचों गांव में बनाए गए हैं कड़े नियम

By: Pratibha Tripathi

Updated: 20 Nov 2020, 04:03 PM IST

नई दिल्ली। आज के समय में बाल विवाह एक बड़ा जुर्म माना जाता है। इसलिए लोग शादी करने से पहले लड़के लड़की की उम्र के बारें में पहले ध्यान देते है। लेकिन हमारे भारत में एक गांव ऐसा भी है जां आज भी लोग इस तरह की शादी करने में पीछे नही है। मध्य प्रदेश के श्योपुर जिले में पांच गांव ऐसे हैं, जहां पर पैदा होते ही बच्चों के रिश्ते तय कर दिए जाते है। और जब ये बच्चे बालिग हो जाते है तो उनका विवाह करवा दिया जाता है। लेकिन यदि बालिग होने के बाद बच्चे शादी तोड़ देने के जिद करते है तो इसके लिए उनको दंड़ भी भोगना पड़ता है। शादी तोड़ने वाले परिवार को जुर्माना भरना पड़ता है।

बंजारा समाज के लोगों के हैं यह गांव

श्योपुर जिले में बंजारा समाज के लोग रहते हैं। जो पांच गांव भीकापुरा, मल्होत्रा, सौभागपुरा, रामबाड़ी और हनुमानपुरा में इस जाति के लोग बसे हुए हैं। इस पांच गांव में इस समाज के लोगों ने ऐसे नियम बनाए है। कि इस गांव में जब बच्चा पैदा होता है तब ही उनका रिश्ता तय कर दिया जाता है कि उसकी शादी आगे चलकर किससे साथ होगी। लेकिन यदि लड़का या लड़की बालिग होने इस शादी का विरोध करते है। तो ऐसे में दूसरी पार्टी को 95 हजार रुपए का जुर्माना देना पड़ता है। और यदि लड़का या लड़की किसी दूसरे के साथ भाग जाते है तो जुर्माने की राशि ढाई लाख रुपए बढ़ जाता है।

पांच गांव के अंदर ही करनी पड़ती है शादी

बंजारा समाज के लोगों मे यह नियम भी बनाया है कि शादी इन्ही पांचों गांव के अंदर ही होगी। किसी दूसरे गांव में शादी करना जुर्म माना जाता है। यह नियम अब तक चला आ रहा है। अगर कोई परिवार का लड़का या लड़की इन पांच गांव से हटकर शादी करना चाहते है तो इसके लिए पहले पंचायत बैठती है.। पंचायत में जो फैसला होता है वह सभी को सर्वमान्य होता है।

जुर्माना नहीं भरने पर मिलती है सजा

यदि कोई परिवार दी गई सजा में जुर्माना नहीं भरता पाता है तो पंचायत उसके घर को तोड़वा देती है। या समाज से उसे बहिष्कृत कर दिया जाता है।

अब तक कई मामले आ चुके हैं सामने

श्योपुर जिले के इन पांचों गांव से अब तक कई मामले सामने आ चुके हैं। जहां बचपन में की गयी शादी को बालिग होने पर तोड़ दिया गया है और उस परिवार को जुर्माना भरना पड़ा। हालांकि इस प्रथा पर बंजारा समाज के लोगों का तर्क है कि उनकी यह प्रथा उनके पूर्वजों के समय से चली आ रही है। जिसे वे अब तक बनाए हुए है। ताकि समाज में एकता बनी रहे।

Pratibha Tripathi
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