NASA दे रहा है 26 लाख रुपए, बस बनाना होगा Toilet डिजाइन !

Lunar loo Challenge: नासा (NASA) ने एक चैलेंज दिया है। जो चैलेंज पूरा करेगा उसे 26.08 लाख रुपए का प्राइज मिलेगा। चैलेंज ये है कि अंतरिक्ष और चांद पर जाने वाले एस्ट्रोनॉट्स (Astronaut ) के लिए टॉयलेट डिजाइन करना है

By: Vivhav Shukla

Published: 29 Jun 2020, 07:15 PM IST

Lunar loo Challenge: Astronaut को अंतरिक्ष (Space) में भेजना NASA के लिए कोई बहुत मुश्किल का काम नहीं हैं। लेकिन वहां पहुंचने के बाद Astronaut को कई मुश्किलों का सामना करना पड़ता है। इनमें से सबसे बड़ी बाथरूम संबंधी समस्याएं हैं। साल 1975 में जब अपोलो मिशन (apollo 11 space mission) खत्म हुआ तब इंजीनियरों ने मलमूत्र विसर्जन को अंतरिक्ष यात्रा के लिए एक गंभीर चुनौती बताया था। हालांकि नासा (NASA) ने कुछ उपकरण बनाए हैं लेकिन ये उतने कारगर नहीं हैं।

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अब नासा (NASA) इस समस्या को हल करने लिए लोगों की मदद ले रही है। इसके लिए उन्होंने लूनार लू चैेलेंज के नाम से खुली प्रतियोगिता रखी है। जो चैलेंज पूरा करेगा उसे 26.08 लाख रुपए का प्राइज मिलेगा. चैलेंज ये है कि अंतरिक्ष और चांद पर जाने वाले एस्ट्रोनॉट्स (Astronaut ) के लिए टॉयलेट डिजाइन करना है. जो तीन डिजाइन बेस्ट होंगे उनमें ये राशि बांटी जाएगी

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नासा चाहता है कि लोग उसके एस्ट्रोनॉट्स (Astronaut ) के लिए माइक्रोग्रैविटी और चंद्रमा जैसी जगह पर कम गुरुत्वाकर्षण वाले इलाके में काम कर पाने वाला टॉयलेट के डिजाइन बनाकर उसे भेजें।इस काम के लिए नासा ने 26 लाख से ज्यादा का इनाम भी रखा है।

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दरअसल, एक रिपोर्ट के मुताबिक नासा अब चांद पर फिर से जाने की तैयारी कर रहा है और इस बार वो अपने एस्ट्रोनॉट्स (Astronaut ) को लंबे समय तक रखने की योजना बना रहा है। ऐसे में उनके नित्यकर्मों से निपटने केलिए माइक्रोग्रैविटि और चंद्रमा की ग्रैविटी में टॉयलेट (Toilet) सुविधा की जरूरत होगी।

इस काम को लूनार लू चैलेंज (Lunar loo Challenge) नाम दिया है। नासा ने इसे हीरोएक्स पर इस चैलेंज को जारी किया है। इस चैलेंज में दो श्रेणियां हैं एक तकनीकी और दूसरी जूनियर. डिजाइन को जमा करने की अंतिम तारीख 17 अगस्त है।

नासा के मुताबिक स्पेस टॉयलेट्स पहले से मौजूद हैं और उपयोग में लाए भी जा रहे हैं लेकिन वे केवल माइक्रोग्रैविटी (Microgravity) के लिए डिजाइन किए गए हैं। ऐसे में इसे बेहतर बनाने की योजना है। बता दें नासा का आर्टिमिस मून मिशन एक महिला और एक पुरुष यात्री को चंद्रमा की सतह पर उतारने का काम साल 2024 तक पूरा करेगा।

 
Vivhav Shukla
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