फेक अलर्ट: पुलिसिया कार्रवाई में जामिया मिल्लिया इस्लामिया के किसी भी छात्र की नहीं हुई मौत, फैलाया जा रहा है झूठ

  • वायरल हो रही है फोटो
  • जामिया में CAA के विरोध में हुआ था प्रदर्शन

नई दिल्ली: हाल ही में जब सरकार ने नागरिकता संधोन कानून ( CAA ) को पास किया, तो देश भर में इसके विरोध में जमकर बवाल कटा। इसकी शुरुआत राजधानी दिल्ली में स्थित जामिया मिल्लिया इस्लामिया यूनिवर्सिटी से हुई। शांतिपूर्ण तरीके से शुरू हुआ ये प्रदर्शन अचानक उग्र हो गया। कुछ बाहर तत्वों ने इस प्रदर्शन की आड़ में कई बसों और निजी संपत्तियों को नुकसान पहुंचाया। वहीं अब सोशल मीडिया पर जमिया के एक छात्र को लेकर बड़ा दावा किया जा रहा है।

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ये है वो दावा

दरअसल, सोशल मीडिया साइट्स फेसबुक ( Facebook ) और व्हाट्सएप्प पर एक मैसेज काफी शेयर किया जा रहा है। इस वायरल मैसेज में दावा किया जा ररहा है कि नागरिकता संशोधन कानून के खिलाफ प्रदर्शन को लेकर पुलिस कार्रवाई में घायल हुआ जामिया के एक छात्र की मौत हो गई है। दावे में छात्र का नाम उबैदुरहमान बताया जा रहा है। फोटो के साथ कैप्शन में लिखा है 'जामिया मिल्लिया इस्लामिया का छात्र उबैदुरहमान CAB के प्रदर्शन में घायल हो गया था जिसका इलाज जे पी अस्पताल में चल रहा था आज 2 बजे रात इंतकाल हो गया। उबैदुरहमान डुमरियागंज के बनजरहवा गांव का रहने वाला है। 2 जनवरी 2020 को सुबह 10 बजे जनाजे की नमा अदा की जाएगी। लिहाजा मैं सभी से गुजारिश करता हूं सभी लोग जनाजे की नमाज में जरूर शामिल हों। अल्लाह तआला उन्हें मगफिरत फरमाये और घरवालों को सब्र, सुकून दे। आमीन।'

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सच्चाई भी आ गई सामने

हमने इस वायरल मैसेज की पड़ताल की और सबके सामने सच लाने की कोशिश की। दरअसल, प्रदर्शन की अगुआई कर रही जामिया कोऑर्डिनेशन कमेटी ने कहा है कि CAA कानून के खिलाफ प्रदर्शन में घायल हुए किसी भी छात्र की मौत नहीं हुई है। कमेटी के सदस्य लारेब अहमद नियाजी से बताया कि पुलिस द्वारा की गई कार्रवाई में घायल हुए किसी भी जामिया के छात्र की मौत नहीं हुई है। उन्होंने बताया कि ऐसी अफवाह थी कि पुलिस की कार्रवाई में घायल हुए जामियाके एक छात्र की मौत हुई है। वहीं इस शख्स की मौत चिकन पॉक्स के कारण हुई है और वो जामिया का छात्र नहीं था। वहीं अहमद ने बताया कि पुलिसिया कार्रवाई में जो छात्र घायल हुए हैं उनमें से किसी का भी नाम उबैदुरहमान नहीं है। ऐसे में पड़ताल में पता चला कि इस संदशे के जरिए लोगों में भ्रम और अफवाह फैलाई जा रही है।

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Prakash Chand Joshi
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