कोरोना काल में नहीं डिगा पीपल बाबा का हरियाली फैलाने का हौसला, इस साल के लिए बड़ा संकल्प

  • बीते साल कोरोना महामारी के बीच पीपल बाबा ने टीम के साथ लगाए 1.11 लाख पेड़।
  • वर्ष 2021 के लिए टीम ने लिया है अखिल भारतीय स्तर पर पेड़ लगाने का संकल्प।
  • बीते 43 वर्षों से चला आ रहा है पेड़ लगाओ अभियान सदा जारी रखने की तैयारी।

नई दिल्ली। बीता साल यानी वर्ष 2020 दुनिया भर के लिए कोरोना वायरस महामारी जैसी आपदा लेकर आया और पूरी दुनिया जैसे ठप सी हो गई। लॉकडाउन ने लोगों को घरों में समेट दिया और मास्क, सैनेटाइजर और सोशल डिस्टेंसिंग जैसे हर व्यक्ति की जरूरत बन गई। हालांकि ऐसे दौर में भी दुनिया को प्रदूषण मुक्त बनाने और हरियाली बढ़ाने का संकल्प ले चुके पीपल बाबा का पेड़ लगाओ कार्यक्रम जारी रहा और उन्होंने अपनी टीम के साथ कोरोना दिशा-निर्देशों का पालन करते हुए 1.11 लाख से ज्यादा पेड़ लगाए।

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बीते 43 सालों से लगातार पेड़ लगाने के अभियान में जुटे पीपल बाबा ने कोरोना काल में राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र को अपनी कर्मभूमि बनाया। उन्होंने अपने पेड़ लगाओ अभियान के लिए लोगों से संपर्क किया ताकि इस मुहिम में नेताओं, सामाजिक कार्यकर्ताओं, व्यवसायियों, कर्मचारियों और राजनेताओं को भी जोड़ा जा सके।

इस मुहिम को लोगों का सहयोग भी मिला और घर बैठे लोगों ने पौधरोपण स्थलों पर जाकर पौधे लगाने और पौधों की देखभाल करने में बढ़चढ़कर योगदान दिया। इसी का नतीजा है कि बीते वर्ष पीपल बाबा की टीम नें जहां दिल्ली में 8,340, नोएडा में 33,400, ग्रेटर नॉएडा में 28,600, गाजियाबाद में 4,200 पेड़ लगाए, वहीं लखनऊ में 30,280, उत्तराखंड में 3820 और सोहना-बहादुरगढ़ रोड पर 3140 पेड़ लगाए।

लॉक डाउन के दौरान किए गए पीपल बाबा के पौधरोपण कार्यक्रम में ऋचा अनिरुद्ध और लखनऊ की मेयर संयुक्ता भाटिया, आईएएस अधिकारी बीएन सिंह समेत कई दिग्गज भी शामिल हुए।

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इंडियन नर्सरीमैन एसोसिएशन ऑफ़ इंडिया के अध्यक्ष वाईपी सिंह की मानें तो कोरोना वायरस के चलते लागू लॉकडाउन के कारण भारत में 100 करोड़ रुपये से ज्यादा के पेड़ों की नर्सरी बर्बाद हो गई। केवल दिल्ली में यह नुकसान 8 करोड़ से ज्यादा का रहा।

हालांकि ऐसे प्रतिकूल वक्त में भी पीपल बाबा की नर्सरी का एक भी पौधा बर्बाद नहीं हुआ क्योंकि उन्होंने बिना रुके पेड़ लगाओ अभियान जारी रखा।

बीते वर्ष 5 जून को पर्यावरण दिवस के अवसर पर पीपल बाबा ने कहा था कि कोरोना वायरस जैसी महामारी के दौर में पौधरोपण करके लोगों को फिक्स डिपॉजिट करना चाहिए क्योंकि कृषि कार्यों में ज्यादा व्यक्तियों के जुड़ने से प्रति व्यक्ति आय में कमी आएगी और अतिरिक्त उत्पादन से भी कृषि उत्पादों के दाम कम होंगे। ऐसे में अगर कृषक अपने खेतों के किनारे या फिर बंजर जमीन पर पौधरोपण करें तो आने वाले वक्त में इन पेड़ों के तैयार होने पर इस बुरे वक्त की बेहतर ढंग से भरपाई हो सकेगी।

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अमित कुमार बाजपेयी
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