Lockdown 2.0 : कैंसर पीड़ित को जरूरत थी दवा की, भूखे पेट 960 किमी स्कूटी चलाकर पुलिसकर्मी ने निभाया मानवता का फर्ज

Highlights

- चारों ओर केवल भय का माहौल है

-एेसे में कोरोना के खिलाफ जंग अहम भूमिका निभाने वाले योद्धाओं में पुलिस व डॉक्टर्स का बड़ा योगदान है

-ऐसे हालात में पुलिस जिस तरह लोगों की मदद कर रही है

By: Ruchi Sharma

Published: 18 Apr 2020, 03:37 PM IST

नई दिल्ली. कोरोना का कहर लगातार जारी है। चारों ओर केवल भय का माहौल है। एेसे में कोरोना के खिलाफ जंग अहम भूमिका निभाने वाले योद्धाओं में पुलिस व डॉक्टर्स का बड़ा योगदान है। ऐसे हालात में पुलिस जिस तरह लोगों की मदद कर रही है, उससे आम जन में पुलिस की छवि मददगार की बनने लगी है। कभी गर्भवती महिला को अस्पताल पहुंचा रही है तो कभी भूखे गरीबों को खाना खिलाते नजर आ रही है। वहीं ऐसा ही एक मामला कर्नाटक से सामने आया है,जहां कैंसर के एक मरीज की दवा खत्म हो गई थी और उसे दवाइयों की सख्त जरूरत थी। ऐसे में कर्नाटक पुलिस का एक जवान 960 किलोमीटर तक स्कूटी चलाकर व्यक्ति को दवाई पहुंचाकर आया। इस कोरोना योद्धा की हर कोई तारीफ कर रहा है।

बंगलूरू से नहीं ले पा रहा था मरीज दवा

कर्नाटक के धारवाड़ में रहने वाले उमेश कैंसर के मरीज है। उन्हें दवाइयों की सख्त जरूरत थी। उनकी दवाएं सिर्फ बंगलूरू में ही मिल सकती थीं। 10 अप्रैल को बंगलुरू पुलिस के 47 वर्षीय हेड कांस्टेबल एस कुमारस्वामी ने एक स्थानीय समाचार चैनल पर एंकर आौर धारवाड़ निवासी उमेश की बातचीत सुनी। उमेश बता रहा था कि उसे रविवार तक यह दवा अवश्य लेनी थीं लेकिन लॉकडाउन के चलते बंगलूरू से दवा नहीं आ पा रही हैं।

पानी बिस्कुट खाकर 10 घंटे का किया सफर

दोनों की बात सुनकर कुमारस्वामी ने मरीज तक दवा पहुंचाने का मन बना लिया और वो अगले दिन अपनी शिफ्ट समाप्त होने के बाद न्यूज चैनल के ऑफिस पहुंचे। वहां से उन्होंने उमेश का नंबर लिया। इसके बाद उन्होंने बंगलूरू के डीएस रिसर्च सेंटर से दवाइयां लीं और एसीपी अजय कुमार सिंह से धारवाड़ जाने की इजाजत मांगी। अनुमति मिलने के बाद शनिवार सुबह चार बजे वो धारवाड़ के लिए निकले और 2.30 बजे वहां पहुंच गए। केवल पानी और बिस्कुट के सहारे उन्होंने 10 घंटे का सफर तय किया। कुमारस्वामी जब उमेश के घर पहुंचे तो वो उन्हें देखकर दंग रह गए।

हुए सम्मानित

कुमार स्वामी के मुताबिक उनका धारवाड़ से कोई रिश्ता नहीं है, वे रामनगरा के रहने वाले हैं। उन्होंने कहा मैंने बस आत्मा की आवाज सुनी और निकल पड़ा। कुमारस्वामी की हर तरफ तारीफ हो रही है। बंगलूरू के सिटी कमिश्नर भास्कर राव ने कुमारस्वामी को सम्मानित किया।

Ruchi Sharma
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