'भगवान राम' के नाम पर कुंभ में खुला है ये अनोखा बैंक, चलती है खास मुद्रा

इस बैंक की सबसे बड़ी खासियत यह है कि यहां किसी भी धर्म के लोगों का स्वागत किया जाता है। इस बैंक में आने वाले कई लोग उर्दू, अंग्रेजी और बंगाली में भी भगवान राम का लिखित जाप कर चुके हैं।

Priya Singh

22 Jan 2019, 12:32 PM IST

नई दिल्ली। उत्तर प्रदेश की संगम नगरी प्रयागराज के तट पर चल रहे कुंभ मेले में कई ऐसी चीजें हैं जो आकर्षण का केंद्र हैं। दुनियाभर के साधू-संतों की उपस्थिति के बीच एक अनोखे बैंक की चर्चा भी खूब हो रही है। इस बैंक का नाम 'राम नाम बैंक' है। इस बैंक में सिर्फ भगवान राम का सिक्का चलता है। इस बैंक में सिर्फ खुलता है राम नाम का खाता जहां जमा होता है राम नाम का पुण्य और ब्याज के रूप में मिलती है आत्मिक शांति। इस बैंक की न तो कोई चेक बुक है और न ही कोई एटीएम लेकिन इस बैंक में जो भी पुस्तिकाओं में भगवान राम का नाम लिखकर जमा कराता है उसको आत्मा की शांति जरूर मिलती है। बता दें कि कुम्भ मेले के सेक्टर-6 में इस बैंक का शिविर लगाया गया है। आपको जानकर बिलकुल हैरानी नहीं होगी कि इस बैंक में विभिन्न आयु वर्गों एवं धर्मों के एक लाख से अधिक खाता धारक हैं।

बैंक प्रबंधक आशुतोष वार्ष्णेय के दादा ने 20वीं सदी में इस अनूठे बैंक की शुरुआत की थी। अब आशुतोष अपने दादा की विरासत को आगे बढ़ा रहे हैं। अब तक कम से कम 9 कुंभ देख चुके इस बैंक में कोई पैसे का लेनदेन नहीं होता है। इस बैंक में जो खाता खुलवाता है उसे 30 पेज की एक किताब मिलती है। इस किताब में 108 कॉलम होते हैं जिसमें हर दिन 108 बार 'राम नाम' लिखना होता है। 108 बार राम नाम लिखने के बाद इस बुक को बैंक में वापस जमा कर दिया जाता है। प्रेम के प्रतीक लाल रंग से ही भगवान राम का नाम लिखा जाता है। लिखित ध्यान लगाने से लोगों के मन को शांति मिलती है। इस ध्यान को 'लिखिता जाप' कहा जाता है। इस बैंक की सबसे बड़ी खासियत यह है कि यहां किसी भी धर्म के लोगों का स्वागत किया जाता है। इस बैंक में आने वाले कई लोग उर्दू, अंग्रेजी और बंगाली में भी भगवान राम का लिखित जाप कर चुके हैं।

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