Yellow Frogs: कोरोना संकट के बीच यहां निकले हजारों पीले मेंढक, जानिए इनका रहस्य

-Rare Yellow Frogs: रहस्यों से भरी इस दुनिया में कई बार ऐसे नजारे देखने को मिलते हैं, जिस पर यकीन करना मुश्किल होता है।
-भारत में मानसून ( Monsoon 2020 ) सीजन में तरह-तरह के कीड़े-मकौड़ों ( Insects ), जीव-जंतु दिखाई पड़ते हैं, जो आम दिनों में नहीं दिखते।
-बारिश ( Rain ) के मौसम में सबसे ज्यादा मेंढक दिखाई देते हैं।
-इन दिनों सोशल मीडिया ( Social Media ) पर पीले रंग के मेंढक खूब सुर्खियां बटोर रहे हैं।

By: Naveen

Updated: 15 Jul 2020, 05:00 PM IST

नई दिल्ली।
Rare Yellow Frogs: रहस्यों से भरी इस दुनिया में कई बार ऐसे नजारे देखने को मिलते हैं, जिस पर यकीन करना मुश्किल होता है। भारत में मानसून ( Monsoon 2020 ) सीजन में तरह-तरह के कीड़े-मकौड़ों ( Insects ), जीव-जंतु दिखाई पड़ते हैं, जो आम दिनों में नहीं दिखते। बारिश ( Rain ) के मौसम में सबसे ज्यादा मेंढक दिखाई देते हैं। हालांकि, बारिश में मेंढक ( Frogs in Rain ) दिखना सामान्य बात है।

लेकिन, क्या आपने कभी पीले रंग ( Rare Yellow Frogs Video Viral ) के चमकदार मेंढक देखे हैं? जी हां, इन दिनों सोशल मीडिया ( Social Media ) पर पीले रंग के मेंढक खूब सुर्खियां बटोर रहे हैं। सोशल मीडिया पर कई वीडियो वायरल हो रहे हैं, जिसमें पीले रंग के मेंढक उछलते कूदते देखे जा सकते हैं। कोरोना संकट में पीले रंग के मेंढक लोगों के लिए रहस्यमय बने हुए हैं।

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क्या है पीले मेंढकों का रहस्य ( Rare Yellow Frogs Facts )
दरअसल, इन मेंढकों का नाम बुलफ्राॅग है और ये मेंढक अपना रंग मादाओं को आकर्षित करने के लिए बदलते हैं। इन भारतीय बुलफ्रॉग में मानसून के दौरान रंग बदलने की क्षमता होती है। यह बुलफ्रॉग भारत, बांग्लादेश, म्यांमार, नेपाल, पाकिस्तान और अफगानिस्तान में पाए जाने वाले मेंढकों की एक प्रजाति है, जो यहां बड़ी संख्‍या में पाई जाती है। रिपोर्ट के अनुसार, मध्य प्रदेश के नरसिंहपुर जिले से 20 किमी की दूरी पर आमगांव नामक एक गांव में ये पीले मेंढक (yellow frog) उछल-कूद करते हुए नजर आए थे। इस गांव में कुछ दिन पहले काफी जोरदार बारिश हुई थी, जिसके बाद मेंढकों का यह झुंड सामने आया था।

जहरीले नहीं होते मेंढक
इस प्रजाति के मेंढक जहरीले नहीं होते हैं। ये सिर्फ मेटिंग के लिए इकट्ठा होते हैं। फसलों को नुकसान पहुंचाने वाले कीटों को नियंत्रित करने के लिए खेतों के आस-पास इनकी मौजूदगी काफी फायदेमंद बताई जाती है। बता दें कि लोग इन्हें पहली बार देखकर हैरान हो रहे हैं।

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