धरती पर जीते-जागते भगवान हैं रतन टाटा! बेघर कुत्तों को रहने के लिए दे दी अपनी ऐतिहासिक इमारत

धरती पर जीते-जागते भगवान हैं रतन टाटा! बेघर कुत्तों को रहने के लिए दे दी अपनी ऐतिहासिक इमारत

Sunil Chaurasia | Publish: Aug, 12 2018 11:55:19 AM (IST) हॉट ऑन वेब

सड़क पर घूमने वाले बेघर कुत्तों के लिए ये जगह किसी जन्नत से कम नहीं है।

नई दिल्ली। टाटा ग्रुप्स के चेयरमैन रतन टाटा ने मुंबई की सड़कों पर घूमने वाले कुत्तों के लिए एक नायाब तोहफा दिया है। आपको जानकर हैरानी होगी कि टाटा ने ऐतिहासिक बॉम्बे हाउस में बेघर कुत्तों को लग्ज़री आशियाना दिया है। जी हां, रतन टाटा ने 1924 में बने इस ऐतिहासिक इमारत में बेघर कुत्तों के रहने के लिए एक बेहद ही शानदार जगह दी है। 94 साल पुरानी इस इमारत में सुधार कार्य कराने के साथ ही कुत्तों के लिए एक बेहद ही खास कैनल भी बनाया गया है। कुत्तों की पसंद को ध्यान में रखते हुए कैनल को खास तौर पर तैयार किया गया है।

कुत्तों के लिए फ्रेंडली कैनल बनाने के लिए इसे शानदार तरीके से सजाया भी गया है। कैनल को चमकदार पीले रंग से रंगा गया है। सड़क पर घूमने वाले बेघर कुत्तों के लिए ये जगह किसी जन्नत से कम नहीं है। रतन टाटा ने कुत्तों के रहने के लिए आशियाने के साथ-साथ खाने और पीने की भी व्यवस्था की है। बता दें कि इससे पहले भी कुत्तों के लिए बॉम्बे हाउस के दरवाज़े हमेशा खुले रहते थे। बॉम्बे हाउस में आने वाले किसी भी कुत्ते के साथ दुर्व्यवहार नहीं किया जाता था। आपको जानकर हैरानी होगी कुत्तों के लिए बनी इस जन्नत से पहले बॉम्बे हाउस का रिसेप्शन कुत्तों की पसंदीदा जगहों में से एक थी।

कुत्तों के लिए इतनी सुविधाओं के पीछे की सबसे बड़ी रतन टाटा का दिल है, जो कुत्तों के लिए काफी दयावान है। दरअसल, एक बार रतन टाटा ने काफी तेज़ बारिश में एक असहाय कुत्ते को भीगते हुए देखा था। जिसके बाद उन्होंने यहां घूमने वाले बेघर कुत्तों के लिए बॉम्बे हाउस में आने-जाने को अनुमति दे दी थी। गौरतलब है कि रतन टाटा देश के गरीब लोगों की भी काफी मदद करते हैं। बता दें कि पिछले साल दीवाली के मौके पर रतन टाटा ने कैंसर पीड़ितों के लिए एक हज़ार करोड़ रुपये की आर्थिक मदद दी थी।

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