Corona: खतरनाक Kim jong का एक और खतरनाक फैसला, स्कूल से घर नहीं लौट सकेंगे बीमार बच्चे !

किम जोंग कोमा (Kim Jong Un) ने उत्तर कोरिया में सितंबर से हर बच्चे के लिए स्कूल आने का फरमान जारी कर सभी को चौंका दिया है। जहां मौजूदा हालात में हर देख कोरोना का दंश झेल रहा है वहीं किम जोंग (Kim Jong Un) के इस फैसले से हर कोई हैरान है।

By: Vivhav Shukla

Published: 26 Aug 2020, 05:10 PM IST

नई दिल्ली। उत्तर कोरिया के तानाशाह किम जोंग उन (North Korean dictator Kim Jong Un) एक बार फिर चर्चा में है। दावा किया गया है कि किम जोंग कोमा (Kim Jong Un) ने उत्तर कोरिया में सितंबर से हर बच्चे के लिए स्कूल आने का फरमान जारी कर सभी को चौंका दिया है। जहां मौजूदा हालात में हर देख कोरोना का दंश झेल रहा है वहीं किम जोंग (Kim Jong Un) के इस फैसले से हर कोई हैरान है।

जहां इन दिनों पूरी दुनिया इस समय कोरोना (Coronavirus) से जंग लड़ रही है। भारत और अमेरिका समेत दुनिया के कई देशों में जहां बच्चों को स्कूल जाने की मनाही है। वहीं उत्तर कोरिया ने में ऐसा फैसला हर कोई हैरान है।

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डेली मेल कि एक रिपोर्ट के मुताबिक उत्तर कोरिया (North Korea) में 1 सितंबर से स्कूल खोलने के आदेश आ चुके हैं। रिपोर्ट के मुताबिक देश के सभी बच्चों को स्कूल बुलाया गया है। इतना ही नहीं अगर कोई बच्चा बुखार या सर्दी से पीड़ित दिखाई दे तो उसे स्कूल में ही रोक लिया जाएगा। वो वहीं आसपास आइसोलेट (Isolate) किया जाएगा, जहां साथ में उसकी पढ़ाई भी होगी। उसे घर या अस्पताल जाने की अनुमति नहीं दी जाएगी।

रिपोर्ट के मुताबिक, इन बच्चों को लेकर स्कूल या उनके माता-पिता भी अलग से कोई निर्णय नहीं ले सकते हैं। जानकारी के मुताबिक अगर किसी क्लास में 7 प्रतिशत से ज्यादा बच्चे को तेज बुखार हो। इसके बाद भी किसी क्लास को बंद करने का अधिकार स्कूल का नहीं होगा, बल्कि उसे पहले म्यूनिसिपल और डिसीज कंट्रोल अथॉरिटी (Municipal and Disease Control Authority) को सूचित करना होगा।

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डिसीज कंट्रोल अथॉरिटी (Disease Control Authority) उन बच्चों को अलग करेगा। जो बीमार हों और स्कूल के पास ही इलाज दिया जाएगा। माता-पिता या किसी को भी उन बच्चों से मिलने की इजाजत नहीं होगी। रिपोर्ट के मुताबिक पैरेंट्स चाह कर भी किम के खिलाफ बोलने की हिम्मत नहीं जुटा पा रहे हैं।बता दें उत्तर कोरिया (North Korea) में किम या उसके परिवार को बात न मानने को सीधा देशद्रोह माना जाता है। ऐसे में उनके साथ-साथ पूरे परिवार को जेल भेज दिया जाता है।

Vivhav Shukla
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