इस साल रिटायरमेंट लेना चाहते थे शहीद के पलानी, आखिरी बार 4 मिनट तक की पत्नी से बात

  • Martyr Died In Galwan Ghati : परिवार के साथ वक्त बिताने के लिए शहीद के पलानी ने रामनाथपुरम में बनवाया था घर
  • गृह प्रवेश में नहीं हो सके शामिल तो फोन से सुने थे पूजा के मंत्र

By: Soma Roy

Updated: 17 Jun 2020, 02:04 PM IST

नई दिल्ली। हर कोई अपने परिवार के साथ एक सेटल लाइफ जीना चाहता है, इसी के लिए वह मकान बनवाता है। ऐसा ही कुछ सपना शहीद के पलानी (Martyr K Palani) का भी था। वह भी अपने परिवार के साथ सुकून-भरी जिंदगी बिताना चाहते थे। इसी के चलते उन्होंने रामनाथपुरम (Ramnathpuram) में घर बनवाया था। इसके चलते उन्हें पत्नी के गहने तक गिरवी (Morgage) रखने पड़े थे, लेकिन वे जल्द से जल्द उन गहनों को छुड़वाना चाहते थे। इसीलिए वे इस साल रिटायरमेंट लेने का प्लान कर रहे थे। मगर जिंदगी को शायद कुछ और ही मंजूर था। तभी लद्दाख (Ladakh) की गलवान घाटी (Galwan Vally) में चीनी सेना (China) के साथ हुई झड़प में वे वीर गति को प्राप्त हुए।

शहीद के पलानी तमिलनाडु के रामनाथपुरम के रहने वाले थे। वे 40 साल के थे। उनके दो बच्चे थे। जिनमें 10 साल का बेटा प्रसन्ना और 8 साल की बेटी दिव्या शामिल है। बताया जाता है कि पति की मौत की खबर सुनकर उनकी पत्नी वानाथीदेवी बेहोश हो गई थीं। परिजनों के मुताबिक के पलानी अपने परिवार से बहुत लगाव रखते थे। इसलिए वे उनके साथ अपने मकान में रहना चाहते थे। पत्नी के गिरवी रखे गहनों को छुड़वा सके और परिवारवालों के साथ आगे की जिंदगी बिता सके इसके लिए वे रिटायरमेंट लेने की सोच रहे थे।

फोन पर सुने से गृह प्रवेश के मंत्र
शहीद जवान के ससुर ने बताया कि गृह प्रवेश के दिन के पलानी ने उन्हें फोन किया था और उन्होंने फोन पर ही गणपति गृह प्रवेश के दौरान पढ़े जाने वाले मंत्रों को सुना और पूजा का हिस्सा बनें। जबकि वनाथीदेवी से उनकी आखिरी बार बात चार मिनट के लिए हुई थी। दो दिन बाद घर में के पलानी का जन्मदिन भी मनाया गया था। मगर उस वक्त किसी को उम्मीद भी नहीं थी कि अगला पल इतना भयानक होने वाला है।

मेहनत से बनाया करियर
शहीद के पलानी एक किसान के बेटे थे। उन्होंने 18 साल की उम्र में सेना जॉइन की थी। उनके घर की आर्थिक स्थिति अच्छी नहीं थी इसलिए वे महज दसवीं कक्षा तक ही पढ़ सके थे। ज्वाइनिंग के समय वह सेना में हवलदार थे। बाद में सेवा में रहते हुए उन्होंने डिस्टेंस लर्निंग के जरिए पढ़ाई करके बीए की डिग्री हासिल की थी। वे इस मुकाम तक अपनी मेहनत और लगन के चलते पहुंचे थे।

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