scriptTanya set a big record in para-cycling | पैर कट जाने के बाद भी तान्या ने नही मानी हार, बनाया पैरा-साइकिलिंग में बड़ा रिकॉर्ड | Patrika News

पैर कट जाने के बाद भी तान्या ने नही मानी हार, बनाया पैरा-साइकिलिंग में बड़ा रिकॉर्ड

locationनई दिल्लीPublished: Jan 12, 2021 05:27:25 pm

Submitted by:

Pratibha Tripathi

  • तान्या देश की पहली महिला पैरा-साइकिलिस्ट बन गई हैं.
  • तान्या डागा ने एक पांव से पूरी की 3800 किलोमीटर यात्रा

Tanya set a big record in para-cycling
Tanya set a big record in para-cycling
नई दिल्ली। कहते है जिसके मन में कुछ पाने का जज्बा होता है उसके लिए कठिन रास्ते भी असान हो जाते है। क्योंकि सफलता भी उसी को मिलती है जो कुछ पाने की लालसा रखता है।और ऐसा ही कुछ देखने को मिला 25 वर्ष की तान्या डागा में। जिसने अपनी जगह का नाम रोशन किया बल्कि पूरा देश इस लड़की पर गर्व कर रहा है। मध्य प्रदेश के राजगढ़ जिले के ब्यावरा शहर में रहने वाली तान्या डागा ने भले ही अपना एक पैर खो दिया है लेकिन इस कमजोरी को उसने कभी भी अपने उपर हावी नही होने दिया,और एक पांव से 3800 किलोमीटर की साइकिल यात्रा जम्मू कश्मीर से कन्याकुमारी तक पूरी कर देश का नाम रोशन कर दिया है।तान्या ने यह यात्रा 19 नवंबर से शुरू की थी और 31 दिसंबर को यानी 43 दिन में इस यात्रा को पूरा किया है। अब तान्या ने यह रिकार्ड बनाकर देश की पहली महिला पैरा-साइकिलिस्ट बन गई हैं।

तान्या डागा ने अपने अंदर छुपे दर्द को बयां करते हुए बताया कि साल 2018 में एमबीए की पढ़ाई के दौरान एक कार की टक्कर से एक पैर कट गया। जिसके बाद उन्हें देहरादून से इंदौर रेफर किया गया, जहां दो सर्जरी हुईं। लेकिन जिंदा रहने की गारंटी कोई नहीं दे रहा था। इसके बाद तान्या को दिल्ली शिफ्ट किया गया। जहां पर उसे हर सर्जरी पर 3000 टांके लगे। और 6 महीने तक इलाज चला।

हादसे में एक पैर गंवा देने के बाद, तान्या आदित्य मेहता फाउंडेशन से जुड़ीं और एक पैर से साइकिलिंग शुरू की। शुरूआत में साइकिल चलाने के दौरान पैर से कई बार खून आने लगता था। लेकिन इसके बाद भी तान्या ने 100 किलोमीटर साइकिलिंग पूरी कर टॉप टेन में जगह बनाई। यही नहीं एक पैर से इतनी लंबी यात्रा करने पर तान्या को बीएसएफ की तरफ से सम्मानित भी किया गया।

पिता की मौत के बाद भी नहीं रोकी यात्रा

हादसे में एक पैर खो देने के बाद तान्या ने एक पैर से साइकिल चलाकर कश्मीर से कन्याकुमारी तक 3800 किलोमीटर की दूरी तय की। लेतिन इस यात्रा के दौरान ही उन्होनें अपने पिता को भी खो दिया। 19 नवंबर 2020 से उन्होंने यात्रा शुरू की थी, तभी खबर आई कि उनके पिता आलोक डागा की मृत्यु हो गई है। 19 दिसंबर को तान्या ब्यावरा पहुंची और 22 दिसंबर को फिर साइकिलिंग पर निकल गईं, तान्या ने पिता की मौत का सदमा लगने के बाद भी यात्रा को जारी रखा।

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