एक टीचर ऐसा भी, Online Class आड़े आई तो Flyover के नीचे शुरू कर दी क्लास !

सत्येंद्र (Satyendra) वैसे तो यूपी के हैं लेकिन रहते दिल्ली में हैं। यहां वे मेट्रो के एक फ्लाईओवर (Flyover ) के नीचे पढ़ाते हैं । उन्होंने अपना ये छोटा सा स्कूल साल 2015 में खोला था। जिसका नाम पंचशील शिक्षण संस्थान (Panchsheel Educational Institute) है।

 

By: Vivhav Shukla

Published: 03 Aug 2020, 04:28 PM IST

नई दिल्ली। बीते मार्च से देश भर में कोरोना वायरस (Coronavirus) के कारण लॉकडाउन लगा दिया गया। लाॅकडाउन (Lockdown) की घोषणा के बाद से ही स्कूल-कॉलेज बंद हैं। ऐसे में ज्यादातर बच्चे घर पर Online Class ले रहे हैं। लेकिन सभी बच्चों के लिए ये संभव नहीं है।

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दरअसल, कई इलाकों में इंटरनेट (Internet) तो छोड़िए लोगों के पास दो वक्त की रोटी खाने के लिए भी दिन भर जद्दोजहद करनी पड़ती है ऐसे में ये इनके बच्चे इंटरनेट पर पढाई कहा से करेगें। । ऐसे में कई बच्चे पढ़ नहीं पाते। लेकिन दिल्ली (Delhi) में एक टीचर हैं जो ऐसे बच्चों को फ्री में शिक्षा देते हैं। इस टीचर का नाम है सत्येंद्र ।

सत्येंद्र (Satyendra) वैसे तो यूपी के हैं लेकिन रहते दिल्ली में हैं। यहां वे मेट्रो के एक फ्लाईओवर (Flyover ) के नीचे पढ़ाते हैं । उन्होंने अपना ये छोटा सा स्कूल साल 2015 में खोला था। जिसका नाम पंचशील शिक्षण संस्थान (Panchsheel Educational Institute) है। मैथ्स ऑनर्स से स्नातक कर चुके सत्येंद्र (Satyendra) बताते हैं कि जब उन्होंने ये संस्थान खोला था तब बहुत कम बच्चे आते थे लेकिन लॉकडाउन (Lockdown) के दौरान यहां बच्चों की संख्या बढ़ने लगी।

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मीडिया से बात करते हुए सत्येंद्र (Satyendra) ने बताया कि कोरोना काल (Corona) में जब स्कूल बंद हो गए तो यहां के स्लम एरिया के बच्चे यहां पढ़ाई करने आने लगे। हैं। यहां आने वाले सभी बच्चे ऑनलाइन क्लासेस लेने में असमर्थ हैं। सत्येंद्र ने आगे बताया कि मैं अपनी क्लास में कोरोना से बचने के लिए सोशल डिस्टेंसिंग (Social Distancing) का भी ध्यान रखता हूं। इसके साथ बच्चों के लिए मास्क और सैनिटाइजर की भी व्यवस्था है।

बता दें सत्येंद्र (Satyendra) ने फ्लाईओवर के नीचे झोपड़ी बना रखी है, जिसमें बच्चों की क्लासेस चलती हैं। वे बच्चों को मैथ्स, साइंस और इंग्लिश पढ़ाते हैं। पूरे हफ्ते रोज 2-2 घंटे की क्लास ली जाती है। उत्तर प्रदेश के बदायूँ जिले के रहने वाले हैं और 2010 में बेहतर ज़िंदगी की तलाश में अपने परिवार के साथ दिल्ली शिफ्ट हो गए थे । उनका परिवार खेती-बाड़ी से जुड़ा हुआ है।

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यूपी बोर्ड से बारहवीं की परीक्षा पास करने वाले सत्येन्द्र को परिवार की आर्थिक तंगी और फिर पलायन की वजह से दो-तीन साल के लिए बीच में पढ़ाई भी छोडनी पड़ी। इतना सब होने के बाद भी सत्येन्द्र ने हार नहीं मानी और दिल्ली आकर उन्होंने अपनी शिक्षा पूरी की और बच्चों को भी पढ़ाने भी लगे।

Vivhav Shukla
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