सोलापुर के कुम्हार ने मिट्टी से बनाया सोना, बदली अपनी तकदीर, जानिए

  • सोलापुर निवासी 45 साल के शरणप्पा आज महाराष्ट्र ही नहीं पूरे देश के लिए आधुनिक मशीनों के जन्मदाता के तौर पर जाने जाते हैं।
  • आधुनिक डिजाइन से तैयार किए बर्तन

By: Pratibha Tripathi

Published: 05 Nov 2020, 05:43 PM IST

नई दिल्ली। कहते हैं भाग्यशाली के हाथ लगने पर मिट्टी भी सोना बन जाती है, यह केवल कहावत भर नहीं है इसे सच साबित कर दिखाया है सोलापुर के शरणप्पा ने कुल तीसरी कक्षा तक पढ़े शरणप्पा हमेशा ज़िंदगी मे अलग मुकाम हासिल करने की सोच रखते थे। वे अपने पारंपरिक व्यवसाय मिट्टी के बर्तन बनाने के काम को एक नया आयाम देना चाहते थे। इसके लिए शरणप्पा ने मिट्टी से बर्तन बनाने में उपयोग होने वाले उपकरण को हाथ की बजाय मशीन से चलने की सोची।

पारंपरिक औजारों से बर्तन बनाने में थोड़े से बर्तन बनाने में पूरा समय निकल जाता था जिसे देखते हुए शरणप्पा ने आधुनिक मशीनों को बनाने का निर्णय लिया वे हाथ से घुमाने वाले चाक को मशीन से घुमाने की तकनीक पर काम कर उसे विकसित किया इसका नतीजा यह हुआ जो काम 10 लोग पूरे महीने में नहीं कर पाते थे उस काम को एक या दो लोग दो से 3 दिन में पूरा कर लेते थे नतीजा यह हुआ की बाजार की मांग से ज्यादा मिट्टी के बर्तन और आधुनिक डिजाइन के बर्तन वह बनाकर बाजार में सप्लाई करने लगे, उनकी यह मेहनत रंग लाई और वे आसपास के इलाके के बर्तन बनाने वालों के लिए एक मिसाल बन गए।

सोलापुर निवासी 45 साल के शरणप्पा आज महाराष्ट्र ही नहीं पूरे देश के लिए आधुनिक मशीनों के जन्मदाता के तौर पर जाने जाते हैं। अपने काम के अलावा शरनप्पा महाराष्ट्र के सोलापुर स्थित नीलम नगर की इंग्ले बस्ती में कुम्हार वर्कशॉप चलाते हैं।

उनकी बनाई मशीन की बदौलत उनके परिवार ने महज कोरोना के लॉक डाउन में मिट्टी से बने दीए, बर्तन बेचकर 30 लाख रुपये की कमाई की। और जबसे वे आधुनिक मशीन से काम कर रहे हैं तबसे हर वर्ष वे 60 लाख रुपये का व्यवसाय कर रहे हैं।

शरनप्पा के भाइयों की मेहनत और उनके व्यवसाय में आधुनिकता के मेलजोल को देखते हुए उन्हें कॉलेज के छात्रों को मिट्टी के बर्तन को बड़े व्यवसाय के तौर पर कैसे स्थापित करें इनके लिए ट्रेनिंग देने को बुलाया जाता है। इस परिवार की सफलता की कहानी को देश दुनिया में पहुँचने के लिए शरणप्पा का बेटा विकास जो 12वीं में पढ़ता है वह सोशल मीडिया (फेसबुक, इंस्टाग्राम) का सहारा ले कर परिवार की गाथा और बनाए गए सामान को देश दुनिया तक पहुंचा रहा है।

Pratibha Tripathi
और पढ़े
हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति और कूकीज नीति से सहमत होते हैं।
OK
Ad Block is Banned