हेल्थ इंश्योरेंस : पॉलिसी की शर्तों के साथ इन खास बातों को रखें ध्यान

पिछले कुछ सालों से हेल्थ इंश्योरेंस तेजी से लोकप्रिय हो रहा है। हेल्थ इंश्योरेंस की लोगों के बीच मांग लगातार बढ़ती ही जा रही है। मौजूदा समय को देखते हुए सभी लोगों को अपने जीवन को लेकर सर्तक रहना चाहिए। आज बाजार में कई प्रकार के हेल्थ इंश्योरेंस उपलब्ध है।

By: Shaitan Prajapat

Updated: 01 Dec 2020, 09:06 PM IST

नई दिल्ली। पिछले कुछ सालों से हेल्थ इंश्योरेंस तेजी से लोकप्रिय हो रहा है। हेल्थ इंश्योरेंस की लोगों के बीच मांग लगातार बढ़ती ही जा रही है। मौजूदा समय को देखते हुए सभी लोगों को अपने जीवन को लेकर सर्तक रहना चाहिए। आज बाजार में कई प्रकार के हेल्थ इंश्योरेंस उपलब्ध है। छोटे शहरों, कस्बों और मेट्रो शहरों में भी इसकी मांग तेजी से बढ़ रही है। आज के समय में ऐसे कई लोग है जो गंभीर बीमारियों से जूझ रहे है। ऐसे लोगों को अपने जीवन को सुरक्षित करने के लिए स्वास्थ्य बीमा करवाना चाहिए। लेकिन बीमा करवाते समय बहुत सारी ऐसे बाते है जिसका खास ध्यान रखना चाहिए।


नया हेल्थ कवर खरीदने के लिए इन बातों का ध्यान जरूर रखें........

— आप किस तरह का प्लान खरीद रहे हैं
आप पहली बार पॉलिसी ले रहे हैं, तो आपको यह जानना जरूरी है कि बाजार में कई प्रकार की स्वास्थ्य बीमा पॉलिसी उपलब्ध हैं। वे सभी अलग-अलग तरह से काम करती हैं। उनमें से कुछ क्षतिपूर्ति योजना वाली हैं, जबकि दूसरी लाभ-आधारित पॉलिसी हैं। क्षतिपूर्ति योजना वाली पॉलिसी अस्पताल के बिलों के खर्च को चुकाती हैं, जबकि लाभ-आधारित पॉलिसी में बीमा कंपनी अस्पताल के वास्तविक खर्च के बजाए एकमुश्त धनराशि का भुगतान करती हैं।


— पॉलिसी की शर्तों पर दे ध्यान
कोई भी इंश्योरेंस प्रोडक्ट खरीदने से पहले, उसके सभी नियमों एवं शर्तों को अच्छी तरह पढ़ लें ताकि आप यह अच्छी तरह समझ सकें कि उसमें क्या शामिल है, और क्या शामिल नहीं है। कई बुनियादी हेल्थ पॉलिसियों में कुछ ख़ास इलाज के लिए एक सब-लिमिट होती है जैसे हॉस्पिटल रूम रेंट पर सीमा। सबसे अच्छा इंश्योरेंस प्रोडक्ट चुनने के लिए, उस प्रोडक्ट के सभी फायदों और अपवर्जनों की तुलना करके देख लें।

 

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— अस्पताल के खर्च
अस्पताल में भर्ती होने से पहले और अस्पताल से छूटने के बाद भी इलाज या जांच पर कई तरह के खर्च होते हैं। उदाहरण के लिए, कैंसर हॉस्पिटलाइजेशन के दौरान आपको अस्पताल में भर्ती होने से पहले कुछ टेस्ट करवाने पड़ सकते हैं और डॉक्टर से परामर्श करना पड़ सकता है। अस्पताल से छूटने के बाद कुछ डे केयर इलाज भी करवाने पड़ सकते हैं। हेल्थ पॉलिसियों में इस बात का उल्लेख रखता है कि ये प्री- और पोस्ट-हॉस्पिटलाइजेशन खर्च किस हद तक कवर किए जाते हैं।

- कवरेज की धनराशि तय करें
हेल्थ इंश्योरेंस कवर करने का कोई निश्चित नियम या कैलकुलेटर नहीं है। आप अपना निर्णय अपने निवास स्थान और उसके आसपास के अस्पतालों के आधार पर तय करिए। अच्छा यह होगा कि आप उच्च बीमा राशि तय करिए, क्योंकि मेडिकल खर्चे लगातार बढ़ रहे हैं और बीमारियां भी अप्रत्याशित रूप से आती हैं। कवरेज में आपके परिवार के सभी सदस्यों को शामिल करना महत्वपूर्ण है। यदि आप अपने नियोक्ता द्वारा उपलब्ध कराई गई स्वास्थ्य बीमा योजना पर निर्भर हैं तो एक अलग से भी कवरेज जरूर करा लें।

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