विदेश से आई इस महिला ने कुंभ में आने से पहले बदल लिया अपना नाम, मेले में बनी आकर्षण का केंद्र

इस साल के अर्ध कुंभ में कई ऐसी चीजें हैं जो हमारी भारतीय संस्कृति से हमें रूबरू करा रही हैं लेकिन सिर्फ भारतीय ही इस पावन मेला का आनंद नहीं उठा रहे बल्कि विदेश से आए लोग भी इस मेले में बढ़-चढ़ के हिस्सा ले रहे हैं।

Priya Singh

21 Jan 2019, 11:32 AM IST

नई दिल्ली। प्रयागराज में कुंभ की धूम है। इस मेले में लाखों की तादाद में श्रद्धालु अपनी उपस्थित दर्ज करा रहे हैं। हर साल की तरह इस साल भी कई तरह की चीजें कुंभ में आकर्षण का केंद्र बनी हुई हैं। इस साल के अर्ध कुंभ में कई ऐसी चीजें हैं जो हमारी भारतीय संस्कृति से हमें रूबरू करा रही हैं लेकिन सिर्फ भारतीय ही इस पावन मेला का आनंद नहीं उठा रहे बल्कि विदेश से आए लोग भी इस मेले में बढ़-चढ़ के हिस्सा ले रहे हैं। ऐसी ही एक महिला है जिसने स्टैनफोर्ड यूनिवर्सिटी से स्नातक किया है। यह महिला कुंभ मेले में अपने अनोखे कैफे के लिए मशहूर है। इस महिला ने 'टॉयलेट कैफेटेरिया' के जरिए कुंभ मेले में स्वच्छता बनाए रखने का बीड़ा उठाया है। विदेश से आई इस महिला ने लोगों को स्वच्छता बनाए रखने के लिए जागरूक करने का यह अनोखा तरीका निकाला है। इस महिला के द्वारा बनाए गए इस कैफे में हर चीज खुले में शौच न करने के लिए जागरूक करती है।

 

kumbh mela

महिला की इस अनोखी पहल की वजह से मीडिया का ध्यान इसकी ओर गया। इंटरव्यू लेने आए एक मीडिया चैनल से बातचीत करते समय इस महिला ने बताया कि "मैं साल 1996 में पहली बार भारत आई। ऋषिकेश में जाकर मैंने वहां हिंदू संस्कृति के बारे में विस्तार से जाना। हिंदू संस्कृत ने मुझे खासा प्रभावित किया।" इस महिला का कहना है कि हिंदू धर्म ने से इतना प्रभावित किया कि इसने अपना असली नाम बदलकर साध्वी भगवती सरस्वती नाम रख दिया। साध्वी भगवती सरस्वती का कहना है कि "जब से मैं भारत आई हूं तब से मैंने फैसला लिया कि मैं संन्यासी के रूप में जीवन व्यतीत करूंगी। अपना असली नाम न बताते हुए इस साध्वी ने बताया कि कुंभ मेले में ऐसा एक कैफे खोलकर में लोगों को बताना चाहती हूं कि "खुले में शौच नहीं करना चाहिए और अपने आस-पास स्वच्छता बनाए रखना चाहिए।"

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