भूख मिटाने के लिए मजबूरी में मासूम बच्चों ने कर लिया ऐसा काम की गँवानी पड़ गई जान

भूख मिटाने के लिए मजबूरी में मासूम बच्चों ने कर लिया ऐसा काम की गँवानी पड़ गई जान

Nitin Sharma | Publish: May, 06 2019 12:43:04 PM (IST) | Updated: May, 06 2019 12:43:05 PM (IST) हॉट ऑन वेब

  • भुखमरी से दो बच्चों की मौत हो गई।
  • मामला आँध्र प्रदेश का है।
  • बच्चों के मां-बाप दिहाड़ी मजदूरी करते थे।

नई दिल्ली। आदमी को पेट की भूख किस हद तक मजबूर कर देती है इसका एक उदाहरण आज हम आपको बताएँगे। मामला आंध्र प्रदेश के अनंतपुर जिले का है जहां भुखमरी और कुपोषण की वजह से 3 साल के संतोष और उसकी 2 साल की चचेरी बहन वेन्नेला की मौत हो गई। मामला हर किसी के दिल को छू लेने वाला था।

बच्चों के माता-पिता दिहाड़ी पर मज़दूरी करते हैं। दोनों बच्चों की खाना ना खाने की वजह से मौत हो गई। तीन साल के संतोष की मौत 6 महीने पहले भुखमरी और कुपोषण की वजह से हो गई थी। पुलिस ने मामले पर जानकारी दी की पड़ोसियों ने उन्हे बताया है कि दोनों बच्चे भूख सहन करने को मजबूर थे। पड़ोसियों ने ही पुलिस को इस वाकये की सूचना दी थी।

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भूख सहन नहीं हुई इसलिए मिट्टी खा ली थी

पड़ोसियों ने बताया बच्चों को खाना नहीं मिला था और उन्हे भूखा रहना पड़ रहा था ऐसे में जब उनसे बर्दाश्त नहीं हुआ तो उन्होने मिट्टी ही खा ली। परिवार के पास रहने के लिए घर भी नहीं था इसलिए उन्हे रहने के लिए एक अस्थाई झोपड़ी का सहारा लेना पड़ रहा था। बच्चों के शवों को उनके माता-पिता ने झोपड़ी के पास ही मिट्टी में दफना दिया। मामला तेज़ी से वायरल हो गया था। बच्चों के माता-पिता उनको खाना नहीं दे पाए जिस वजह से बच्चे भुखमरी की वजह से मर गए।

बच्चों का पोस्टमार्टम तो नहीं हुआ है लेकिन कहा यही जा रहा है कि उनकी मौत कुपोषण की वजह से ही हुई है। उनके दूसरे बच्चों को बाल गृह में भेजा गया है। पड़ोसियों का कहना था कि परिवार के पास जीवन जीने के लिए कुछ भी नहीं था और पड़ोसी ही उन्हे खाने के लिए कभी-कभार कुछ दे देते थे। ऐसे में उन्होने मांग की है परिवार का राशन कार्ड बनाया जाए जिससे वो भूखमरी का शिकार ना हो। साथ ही उनके और भी सरकारी दस्तावेज़ बनवाने को कहा है जिससे वो भी योजनाओं का फायदा ले सकें।

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