यूएन ने जताई परमाणु हमले की आशंका, धुएं और धूल के गुब्बार से खत्म हो सकता है सूरज का वजूद

  • Nuclear Bomb Explosion : दुनिया में इस समय 22000 से ज्यादा परमाणु हथियार हैं, चीन और भारत की तनातनी परमाणु युद्ध का बढ़ा रहीं खतरा
  • परमाणु बम जिस इलाके पर गिराया जाएगा वहां की जमीन आग की तरह धधकने लगेगी

By: Soma Roy

Published: 22 Jun 2020, 03:42 PM IST

नई दिल्ली। गलवान घाटी (Galwan Valley) पर चीन और भारत के बीच चल रही तनातनी से परमाणु युद्ध जैसे हालात बनते नजर आ रहे हैं। हालांकि कोई भी देश इतना बड़ा कदम उठाने से पहले कई बार सोचेगी। मगर अपना दबादबा साबित करने के लिए चीन या अन्य देश इसका प्रयोग कर सकते हैं। इस सिलसिले में यूएन ने चिंता जाहिर की है। उनके मुताबिक दुनिया में इस समय 22000 से ज्यादा परमाणु हथियार (atomic weapon) हैं। परमाणु शक्ति रखने वाले कई देशों के बीच नॉर्थ कोरिया (North Korea) लगातार अपना न्यूक्लियर पावर बढ़ा रहा हैं। अगर इस दौरान एटॉमिक जंग छिड़ती है तो इसके घातक परिणाम देखने को मिल सकते हैं। इससे न सिर्फ देश तबाह होगा, बल्कि प्रकृति के लिए भी खतरा पैदा हो सकता है। क्योंकि परमाणु विस्फोट से निकलने वाले भयानक धूल और धुएं के गुब्बार में सूरज की रौशनी गायब हो सकती है। इससे कई साल तक अंधेरा छा सकता है।

10 सेकंड के अंदर हो जाएगी तबाही
वैज्ञानिकों के अनुसार परमाणु बम इतने घातक होते हैं कि इनके गिरने के 10वें सेकंड से भी कम समय में पूरा देश तबाह हो सकता है। इसे जिस इलाके पर गिराया जाएगा वहां की जमीन आग की तरह धधकने लगेगी। इसमें इतनी गर्मी और धूल का गुब्बार निकलेगा कि चारों ओर सफेद तेज चमक पैदा हो जाएगी। इसे आंखों से देखन संभव नहीं होगा। इसके अलावा इससे निकलने वाला रेडिएशन इतना खतरनाक होता है कि इसकी चपेट में आते ही तुरंत मौत हो जाती है। इसका असर कई साल तक रहता है। हिरोशिमा और नागासाकी में गिराए गए परमाणु बम का असर आज तक देखने को मिलता है। इससे आने वाली पीढ़ि अपंग या बीमार पैदा होती हैं।

परमाणु और हाइड्रोजन बम है दुनिया के लिए खतरा
परमाणु बम नाभिकीय विखंडन यानी Nuclear Fission पर काम करते हैं। इस दौरान परमाणु दो टुकड़ों में बंट जाते हैं और भारी मात्रा में ऊर्जा बाहर निकलती है। जबकि हाइड्रोजन बम बनाने के लिए जिस केमिकल रिएक्शन का उपयोग होता है उसे नाभिकीय संलयन यानी Nuclear Fusion कहते हैं। इस दौरान दो परमाणु आपस में जुड़ जाते हैं। तब जो ऊर्जा निकलती है वो परमाणु बम से कई गुना ज्यादा होती है। इनके प्रयोग से पूरे देश को एक झटके में तबाह किया जा सकता है।

न्यूक्लियर विंटर जैसे बन सकते हैं हालात
परमाणु बम के गिराने से भयंकर परिणाम देखने को मिल सकते हैं। वैज्ञानिकों के मुताबिक इससे दुनिया में इतनी गर्मी और धूल पैदा होगी कि आसमान धूल से भर जाएगा। ऐसे में सूरज की रौशन भी धरती पर नहीं पहुंच सकेगी और चारों ओर अंधेरा हो जाएगा। इसमें तापमान भी बाद में अचानक एकदम गिरने लगेगा और पेड़-पौधे, पशु-इंसान सब मरने लगेंगे। इससे न्यूक्लियर विंटर जैसे हालात पैदा होंगे। इस पर अमेरिकन कॉस्मोलॉजिस्ट कार्ल सेगन ने साल 1983 में बात की थी।

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