Omg! ऐसा अनोखा गांव जहां सोने के बाद महीनों तक नहीं उठते लोग, वैज्ञानिक भी इस रहस्य को नही कर पाए पता

कलाची गांव के पानी में कार्बन मोनो ऑक्साइड गैस (Carbon Monoxide Gas) है, जिसकी वजह से यहां के लोग महीनों तक सोते रहते हैं

By: Pratibha Tripathi

Published: 16 Jan 2021, 09:36 PM IST

नई दिल्ली. रामायण में रावण के भाई कुंभकर्ण (Kumbhkaran) के बारे में पूरी दुनिया जानती है। कुंभकर्ण को उनकी चिरनिद्रा की वजह से जाना जाता है। रामायण में दर्ज है कि वे साल के 6 महीने सोते थे और एक दिन के लिए जागते थे। कुंभकर्ण को लेकर तो लोकोक्ती भी है। ज्यादा सोनो वाले को कुंभकर्णी निद्रा वाला कहा जाता है। पर आज हम बात करने जा रहे हैं एक ऐसे गांव की जहां लोग जम कर सोते हैं।

सोअक्कड़ों का गांव
दुनिया में एक गांव ऐसा है जहां लोग महीनों तक सोते (Sleeping Disorder) हैं। यह बात आपको हैरान कर सकती है लेकिन बात एकदम सच है। इस नायाब गांव का नाम कलाची (Kalachi) है।

कजाकिस्तान में है सोने वालों का गांव
कजाकिस्तान (Kazakhstan) में स्थित कलाची गांव (Kalachi Village) ऐसा है जहां के लोग एक दो दिन नहीं बल्कि कई महीनों तक सोते हैं। यही वजह है कि कलाची गांव को लोग स्लीपी हॉलो (Sleepy Hollow Village) के नाम से जानते हैं। यहां के लोग ज्यादातर सोते हुए नज़र आते हैं। इनके सोने की आदतों की वजह से इन ग्रामीणों पर कई बार शोध भी किया गया है।

महीनों तक सोने की वजह बताई वैज्ञानिकों ने
वैज्ञानिकों की माने तो इस गांव में यूरेनियम से बनने वाली जहरीली गैस (Uranium Gas) का प्रभाव काफी ज्यादा है जिसकी वजह से यहां लोग सामान्य से ज्यादा सोते रहते हैं। जानकार यह भी बताते हैं कि इस गांव में जो पानी है उसमें भी यूरेनियम की जहरीली गैस का प्रभाव काफी रहता है जिससे पानी भी ज़हरीला और दूषित हो गया है। रिसर्च में यह बात सामने आई है कि पानी में कार्बन मोनो ऑक्साइड गैस (Carbon Monoxide Gas) की मात्रा ज्यादा है जिससे लोग महीनों सोते हैं।

सोने के बाद भूलने की भी है आदत
इस विचित्र गांव में लगभग 600 लोग निवास करते हैं जिनका ज्यादा समय सोने में निकल जाता है, पर एक हैरान करने वाली बात यह भी है कि सोने के बाद गांव वालों को पिछली सभी बातें भूल जाती हैं। आज स्थिति यह है कि इस गांव के ज्यादातर लोग (Sleeping Disorder) जैसी बमारी से जूझ रहे हैं। जब इन्हें पिछली बात याद दिलाई जाती है तब वह बात याद आती है।

यहां लोग कब नींद के आगोश में चले जाएं पता ही नहीं चलता है।
कलाची गांव की एक और खासियत है जो और भी हैरान करने वाली है यहां के लोगों को कब नींद आ जाएगी यह उन्हें भी नहीं पता होता है। हालत यह है कि यहां के लोगों को चलते-फिरते खाते-पीते, नहाते हुए किसी भी समय नींद आ सकती है। इस विचित्र गांव (Weird Village) के लोगों की माने तो उन्हें नींद आने का आभास भी नहीं होता है।

Pratibha Tripathi
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