China से खूनी झड़प के बाद Keral का एक गांव बदलना चाहता है अपना नाम, PM नेहरू किया था नामकरण

केरल (Keral) का एक गांव अपने नाम का ही बहिष्कार करना चाहता है। इस गांव का नाम है 'चाइना मुक्कू' (China Mukku)। गांववालों का कहना है कि भारत और चीन के बीच खूनी झड़प ( Galwan Vally Clash) के बाद यह नाम हमारे लिए शर्मिंदगी का मामला बन गया है

By: Vivhav Shukla

Published: 26 Jun 2020, 11:13 PM IST

नई दिल्ली। पिछले कुछ हफ्तों से भारत और चीन की सेनाओं के बीच लद्दाख में सीमा (Galwan Vally Clash) पर तनाव जारी है। बीते हफ्ते चीनी सेना ने गलवान घाटी में भारतीय फौज पर हमला कर दिया था। इस हमले में हमारे 20 जवान शहीद हो गए थे।

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जवानों की शहादत की खबर से पूरे देश में चीन के प्रति गुस्सा उमड़ रहा है। हर हिंदुस्तानी चीन में बने सामानों का Boycot कर रहा है। इनसब के बीच में केरल का एक गांव अपने नाम का ही बहिष्कार करना चाहता है। इस गांव का नाम है 'चाइना मुक्कू' (China Mukku)।

दरअसल, साल 1952 में देश के पहले प्रधानमंत्री Jawaharlal Nehru एक बार इस के दौरा पर गए थे। इस दौरान वह इसी इलाके से खुली जीप में गुजर रहे थे। इस गांव में चारों तरफ केवल लाल झंडे दिखने लगे। यह कम्युनिस्ट बहुल इलाका था।

पूरे गांव में लाल झंडे को देखने के बाद नेहरू ( Jawaharlal Nehru) ने इस गांव को चीन जंक्शन कह दिया। इसके बाद से इस गांव का नाम ही चीनी मुक्कू बन गया। लेकिन गलवान में हुई घटना के बाद अब गांववासियों ने इसका नाम बहलना चाहते हैं। उनका कहना है कि ये नाम उनके लिए शर्म का मुद्दा बन गया है।

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ग्राम पंचायत के उपाध्यक्ष प्रवीण प्लाविलायिल (Praveen Plavilayil)का कहना है कि चीन द्वारा पैदा की गई युद्ध जैसी स्थिति और बहादुर भारतीय सैनिकों की शहादत को देखते हुए क्षेत्र का नाम बदल दिया जाना चाहिए। वहीं पंचायत अध्यक्ष एम रेजानी ने बताया पूरा गांव नाम बदलना चाह रहा है।

Vivhav Shukla
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