Vishwakarma Puja 2020: व्यापार में तरक्की के लिए अनाज चढ़ाने समेत करें ये 5 काम, होगी धन की वृद्धि

  • Vishwakarma Puja 2020 : भगवान विश्वकर्मा को ब्रह्मा जी के सातवें पुत्र के रूप में जाना जाता है
  • हर साल विश्वकर्मा पूजा 17 सितंबर को मनाई जाती है, लेकिन राशि के अनुसार उनका जन्म कन्या संक्रांति में हुआ था, जो आज है

By: Soma Roy

Published: 16 Sep 2020, 11:09 AM IST

नई दिल्ली। भगवान विश्वकर्मा को सृष्टि का निर्माणकर्ता या शिल्पकार माना जाता है। उन्हें विश्व का पहला इंजीनियर भी कहा जाता है। मान्यता है कि उन्होंने ही इंद्रपुरी , द्वारिका, हस्तिनापुर, स्वर्गलोक और लंका आदि राजधानियों का निर्माण किया था. पौराणिक मान्यताओं के अनुसार विश्वकर्मा जी को ब्रह्मा जी के सातवें पुत्र के रूप में भी जाना जाता है। वैसे तो विश्वकर्मा पूजा (Vishwakarma Puja) हर साल 17 सितंबर को मनाई जाती है, लेकिन इस बार कई जगह ये पर्व 16 सितंबर को भी मनाया जा रहा है। राशि के अनुसार विश्वकर्मा पूजा कन्या संक्रांति (Kanya Sankranti) में मनाई जाती है। इसलिए आज सुबह 06 बजकर 53 मिनट पर सूर्य ने कन्या राशि में प्रवेश किया है। मान्यता है कि इस दिन बुनकर, शिल्पकारों और औद्योगिक क्षेत्रों से जुड़े लोगों को भगवान विश्वकर्मा की पूजा करनी चाहिए। इससे उनके व्यापार और काम में तरक्की होती है। इससे धन-धान्य की बढ़ोत्तरी होती है।

1.भगवान विश्वकर्मा को प्रसन्न करने के लिए ओम आधार शक्तपे नम:, ओम कूमयि नम:, ओम अनन्तम नम:, पृथिव्यै नम:। मंत्र का जाप लाभदायक साबित होता है। इस मंत्र के जप के लिए रुद्राक्ष की माला का प्रयोग करें।

2.व्यापार में तरक्की के लिए विश्वकर्मा पूजा के दिन घर व दुकान के आंगन में आठ फूल रखकर कमल की आकृति बनाएं। अब इसमें सात तरह के अनाज रखें। अब विश्वकर्मा के पूजन के बाद वहां से सिंदूर लेकर इन पर चढ़ाएं। पूजन के आखिरी में इन चीजों को एक सफेद कपड़े में लपेटकर अपनी दुकान व फैक्ट्री में रख दें। इससे बिजनेस में सफलता मिलेगी।

3.विश्वकर्मा की पूजा में बूंदी के लड्डू एवं मावा चढ़ाना अच्छा माना जाता है। इससे भगवान प्रसन्न होंगे और धन की प्राप्ति होगी।

4.विश्वकर्मा पूजन के लिए उत्तम समय सुबह 7 बजकर 22 मिनट तक रहेगा और उसके बाद साध्य योग का प्रारंभ हो जाएगा। इसके बाद सुबह 10 बजकर 9 मिनट से सुबह 11 बजकर 37 मिनट तक अमृत काल मुहूर्त बन रहा है। इन शुभ मुहूर्त पर भगवान विश्वकर्मा के साथ ही कारखानों और फैक्ट्रियों में औजारों की पूजा करने से तरक्की के रास्ते खुलेंगे।

5.अगर किसी का व्यापार नहीं चल रहा है तो उसे अपने सिर से नमक की थैली को सात बार घुमाकर किसी जरूरतमंद को दान करनी चाहिए। ऐसा करने से सारे दोष दूर होंगे।

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