जानिए क्यों रूसी राष्ट्रपति पुतिन ने माइनस 14 डिग्री के बर्फ़ीले पानी में लगाई डुबकी

व्लादिमीर पुतिन ने माइनस 14 डिग्री में बर्फीले पानी में आस्था की डुबकी लगाई।
डूबकी लगाते वक्त पुतिन शर्टलेस नजर आते हैं।

By: Shaitan Prajapat

Published: 20 Jan 2021, 01:08 PM IST

नई दिल्ली। रूस के राष्‍ट्रपति व्‍लादिमीर पुतिन अक्‍सर सोशल मीडिया पर छाए रहते है। हाल ही में वे एक बार फिर चर्चा में बने हुए है। सोशल मीडिया पर उनकी कुछ तस्वीरे वायरल हो रही है जिसमें वे माइनस 14 डिग्री तापमान में एक पुल में नंगे बदन डुबकी लगाई। 68 वर्षीय रूसी राष्ट्रपति ने मंगलवार यानी 19 जनवरी को माइनस 14 डिग्री तापमान में बर्फीले पानी में आस्था की डुबकी लगाई। व्लादिमीर पुतिन ने फीस्ट डे यानी इपिफनी के मौके पर ईसाई धर्म के अनुष्ठान के रूप में मॉस्को में बर्फीले पानी वाले पुल में डुबकी लगाई।

शर्टलेस होकर लगाई डुबकी
रूसी राष्ट्रपति के अपने ट्विटर हैंडल पर इनकी फोटो शेयर की है। इसमें वह मॉस्‍को में माइनस 14 डिग्री तापमान में बर्फीले पानी में डुबकी लगाते दिख रहे हैं। जिसमें वह चारों तरफ बर्फ से घिरे पुल में शर्टलेस होकर डुबकी लगाते दिखते हैं। तस्वीर में दिख रहा है कि राष्ट्रपति पुतिन बर्फीले पानी वाले पुल तक एक ओवरकोट पहनकर आते हैं और फिर डूबकी लगाते वक्त वह शर्टलेस नजर आते हैं। इन फोटो में पुतिन काफी फिट और स्वस्थ नजर आए। उस समय उनके शरीर पर सिर्फ अंडरवियर को छोड़कर कोई अन्‍य कपड़ा नहीं था। आपको बता दे कि रूस में इपिफनी के मौके पर बर्फीले पाने में डुबकी लगाने को पवित्र माना जाता है।


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मान्यता
ऐसी मान्यता है कि ईसा मसीह ने जॉर्डन नदी में डुबकी लगाई थी। ऐसा कहा जाता है कि इस दिन बर्फीले पाने में डुबकी लगाने से पाप धूल जाते हैं। ईसाई धर्म के लोग मानते हैं कि मध्य रात्रि में इस अवसर पर नदी, तालाब या पुल का पानी पवित्र हो जाता है। इस डुबकी को बहुत पवित्र माना जाता है। पुतिन कम्युनिस्ट शासन में पले-बढ़े हैं लेकिन राष्ट्रपति के तौर पर वो एक धर्मनिष्ठ ईसाई के रूप में रहे हैं।

Shaitan Prajapat
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