भाई ने रिक्शा चलाकर बहन की पढ़ाई का उठाया खर्चा, डिप्टी कलेक्टर बनकर सपना किया साकार

  • MPSC Topper Inspiration Story : महाराष्ट्र पब्लिक सर्विस कमीशन की परीक्षा में तीसरा स्थान हासिल कर वसीमा शेख बनीं डिप्टी कलेक्टर
  • पिता के मानसिक रोगी होने के चलते परिवार की जिम्मेदारी भाई—बहनों और मां पर थी

By: Soma Roy

Published: 26 Jun 2020, 02:12 PM IST

नई दिल्ली। कहते हैं अगर हौंसला बुलंद हो तो कोई भी जंग जीती जा सकती है। इसी बात को सही साबित किया है महाराष्ट्र के नांदेड़ ज़िले की एक युवती ने। जिसने घर की आर्थिक स्थिति सही न होने के बावजूद अपने परिवार के साथ के जरिए महाराष्ट्र पब्लिक सर्विस कमीशन (Maharashtra Public Service Commission, MPSC) की परीक्षा में सफलता हासिल की। उन्होंने टॉपर्स लिस्ट (Topper List) में तीसरा स्थान प्राप्त किया। उनका नाम वसीमा शेख है। अब वह डिप्टी कलेक्टर बन गई हैं।

वसीमा (Waseema Shaikh) महाराष्ट्र के नांदेड़ ज़िले के जोशी सांघवी गांव की रहने वाली हैं। उनकी घर की आर्थिक स्थित सही नहीं है। पिता मानसिक रूप से पीड़ित हैं इसलिए काम नहीं कर सकते हैं। ऐसे में परिवार की जिम्मेदारी उनके भाई उठा रहे हैं। साथ ही मां भी आस-पड़ोस के घरों में काम करती हैं। वसीमा 4 बहनों और 2 भाइयों में चौथे नंबर की हैं। उन्होंने एक इंटरव्यू में बताया कि गरीबी आपके सपनों की उड़ान को नहीं रोक सकती है। तभी उनके भाई ने उन्हें पढाने और कामयाब इंसाने बनाने के लिए काफी मेहनत की।

वसीमा के भाई रिक्शा चलाकर उनकी पढ़ाई का खर्च उठाते थे। उनकी और मां की मेहनत की बदौलत उन्होंने जिंदगी की मुश्किल जंग को जीत लिया। वसीमा ने इससे पहले एमपीएससी की परीक्षा पास की थी। साल 2018 में इस परीक्षा को पास करके वह सेल्स टैक्स इंस्पेक्टर बन गई थीं। मगर उनका सपना यहीं पूरा नहीं हुआ इसलिए उन्होंने MPSC की परीक्षा भी दी थी। जिसमें टॉप करके वह डिप्टी कलेक्टर बन गई हैं। उन्होंने बताया कि उनकी छोटी बहन भी एमपीएससी की तैयारी कर रही हैं।

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