Schools Reopening : सितंबर से फिर से पूरी तरह खुलेंगे स्कूल!, जानिए क्या कहते हैं एक्सपर्ट

Highlights
-'नो वैक्सीन नो स्कूल' (No Vaccines no school) अभिभावकों की ओर से अभियान (School Abiyan) भारत भर में चल रहा है
- वही चेंज डॉट ओआरजी ऑनलाइन पिटिशन (Change dot org online petition) में करीब 7.75 लाख लोगों ने समर्थन दिया है
- स्कूल खोलने (schools reopening) को लेकर विशेषज्ञों ने भी कहा है कि वह कुछ समय का इंतजार करें

By: Ruchi Sharma

Published: 01 Jul 2020, 01:21 PM IST

नई दिल्ली. देश में तेजी से फैल रहे कोरोना वायरस (Coronavirus In India) महामारी के चलते अभिभावक चिंतित है। अभिभावकों को तेजी से बढ़ती महामारी के बीच बच्चों के स्कूल (schools reopening) खुलने का डर सता रहा है। इस बीच अभिभवकों ने सोशल मीडिया (Social Media) पर अभियान भी चला दिया है। 'नो वैक्सीन नो स्कूल' (No Vaccines no school) अभिभावकों की ओर से अभियान (School Abiyan) भारत भर में चल रहा है।

7.75 लाख लोगों ने किया समर्थन

वही चेंज डॉट ओआरजी ऑनलाइन पिटिशन (Change dot org online petition) में करीब 7.75 लाख लोगों ने समर्थन दिया है। स्कूल खोलने को लेकर विशेषज्ञों ने भी कहा है कि वह कुछ समय का इंतजार करें। कुछ एक्सपोर्ट का मानना है कि स्कूल (School details) सितंबर तक ना खोलें जाए। वहीं छत्तीसगढ़ विद्यालयीन शिक्षक कर्मचारी संघ ने सितंबर से पहले स्कूल नहीं खोलने की मांग की है ।

31 जुलाई तक बंद करने के सरकार ने दिए आदेश


वहीं कई प्रदेश में में लॉकडाउन लगने के साथ ही बंद हुए स्कूल कॉलेज को लेकर 1 जुलाई को खुलने की उम्मीद थी। लेकिन केंद्र के बाद अब राज्य सरकार ने भी आगामी 31 जुलाई तक प्रदेश के सभी स्कूल कॉलेज नहीं खोलने के तहत दिशा निर्देश जारी कर दिए है । जारी की गई गाइडलाइन के अनुसार अब आगामी 31 जुलाई तक स्कूल नहीं खोले जाएंगे। उसके बाद सरकार द्वारा स्कूल कॉलेज खोलने के संबंध में निर्णय लिया जाएगा। गौरतलब है कि ऐसा पहली बार होगा जब जुलाई में स्कूल नहीं खुलेंगे । आइए जानते हैं क्या कहते है एक्सपर्ट..


कुछ विशेषज्ञ अपनी स्थितियों जैसे परिवार के स्वास्थ्य को खतरा, उनका काम और बच्चों के शैक्षणिक, सामाजिक जीवन पर भी विचार कर रहे हैं। कुछ ने कहा कि बच्चों के लिए स्कूल बहुत महत्वपूर्ण हैं। इसलिए वे जोखिम उठाने के लिए भी तैयार हैं। महामारी विशेषज्ञों का मूल मंत्र है- यह स्थितियों पर निर्भर करेगा। उनका कहना है कि सभी कारणों को ध्यान में रखकर वे अपनी योजना बदल सकते हैं।

जानिए, जॉन हॉपकिंस जैसे संस्थानों के विशेषज्ञ अपने बच्चों के स्कूल जाने पर क्या कह रहे हैं?

- वाशिंगटन स्थित कैसर परमानेंटे हेल्थ रिसर्च इंस्टीट्यूट की लीसा हैरिनटन ने कहा- बच्चे सुरक्षित हैं। मुझे उनसे ज्यादा शिक्षकों की चिंता है।
- एपिफी कंसल्टिंग के कार्ल फिलिप्स ने कहा- वर्तमान स्थिति को देखते हुए सितंबर में भी स्कूल खोलना बेवकूफी होगी।
- मैकगिल यूनिवर्सिटी के अरिजीत नंदी ने कहा- बच्चों को स्कूल से बाहर रखना अभिभावकों को महंगा पड़ सकता है।
- कोलोरेडो स्टेट यूनिवर्सिटी के ब्रुक एंडरसन ने कहा- मौजूदा स्थिति के अनुसार, मैं बच्चों को अगस्त में स्कूल भेजना चाहूंगा।
- जॉन्स हॉपकिंस यूनिवर्सटी की स्टीफेन हेलेरिंगर ने कहा- बच्चों को अभी स्कूल भेजने के मामले में अभी बहुत हिचक है।
- कैलिफोर्निया यूनिवर्सिटी की एमी पडुला ने कहा- मेरे बच्चों का डे केयर सेंटर जून के अंत में खुलेगा। वहां अच्छी व्यवस्था है।
- हार्वर्ड यूनिवर्सिटी की हाना लेजली ने कहा- सितंबर में एलिमेंट्री स्कूल में लोगों के जाने से खतरा अधिक हो सकता है।
- पिट्सबर्ग यूनिवर्सिटी की क्रिस्टीना मायर ने कहा- सितंबर तक इस मामले में जोखिम लिया जा सकता है।

Ruchi Sharma
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