बीआरटीएस बस में 1.90 करोड़ लोगों ने किया सफर

बीआरटीएस बस में 1.90 करोड़ लोगों ने किया सफर
बीआरटीएस बस में 1.90 करोड़ लोगों ने किया सफर

Zakir Pattankudi | Updated: 06 Oct 2019, 07:46:33 PM (IST) Hubli, Dharwad, Karnataka, India

बीआरटीएस बस में 1.90 करोड़ लोगों ने किया सफर
-26 करोड़ रुपए हुई आय
हुब्बल्ली

बीआरटीएस बस में 1.90 करोड़ लोगों ने किया सफर
हुब्बल्ली
बीआरटीएस योजना के तहत प्रायोगिक तौर पर आरम्भ की गई चिगरी बसों की आवाजाही को एक वर्ष पूरा हो चुके हैं। इस अवधि में 1.90 करोड़ लोगों ने सफर किया है तथा 26 करोड़ रुपए आमदनी हुई है। हुब्बल्ली-धारवाड़ बस रेपिड ट्रांजिट सिस्टम (एचडी बीआरटीएस) के प्रबंध निदेशक राजेंद्र चोळन ने बताया कि हुब्बल्ली-धारवाड़ के बीच प्रतिदिन सौ एसी (वातानुकूलित) बसें आवाजाही कर रही है और 8 5 हजार से एक लाख लोग सफर कर रहे हैं। एक वर्ष में कुल 70 लाख किलोमीटर कार्रवाई हुई है।

यातायात सुरक्षा कार्रवाई

यात्रियों तथा वाहनों के लिए कॉरिडोर में अधिक सुरक्षा उपलब्ध करने के उद्देश्य से विश्व बैंक के माहिर विशेषज्ञों से सलाह प्राप्त कर चार चरण की सुरक्षा कार्रवाइयों को अपनाया गया है। कॉरिडोर में कुल 21 जंक्शनों में ट्रेफिक सिग्नल लगाए गए हैं। कॉरिडोर में 70 गृहरक्षक बल तथा 120 सुरक्षा कर्मियों को तैनात किया गया है। कॉरिडोर में अवैध वाहनों के प्रवेश को रोकने के लिए स्वचालित बूम बैरिकेड लगाने की योजना अंतिम कर आगामी तीन माह में लागू की जाएगी।

साढ़े २७ हजार पौधे लगाए

मिश्र पथ की कुछ जगहों पर स्पीड ब्रेकर तथा मिड ब्लॉक को वैज्ञानिक तौर पर लगाने की योजना गठित की गई है। बीआरटीएस बस कार्रवाई के बाद जुड़वां शहर में वायु प्रदूषण में अत्यधिक सुधार नजर आया है। इसके अलावा इस सड़क पर 27 हजार 500 पौधे लगाए गए हैं।

तीन-चार गुना कम यात्री किराया

अन्य वातानुकूलित परिवहनों बसों की तुलना में बीआरटीएस देश में ही तीन-चार गुना कम यात्री किराया है। यात्रा के समय में भी बचत हो रही है। किराया कम होने से कार्रवाई तथा आय के बीच उपजने वाली कमी को दूर करने के लिए सरकार की सहायता राशि समेत विभिन्न उपक्रम किए जा रहे हैं।

भविष्य की योजनाएं

बीआरटीएस योजना को धारवाड़ के जुबली सर्कल से कृषि विश्वविद्यालय तक तथा हुब्बल्ली के होसूर रोड से हवाई अड्डे तक विस्तरित करने के लिए तकनीकी रिपोर्ट तैयार की जा रही है। नए तौर पर 50 विद्युत चालित वातानुकूलित (एसी) बसों को चलाने की योजना गठित की गई है। यात्रियों तथा वाहनों के परिवहन के लिए कॉरिडोर पर बिजली के खंभे लगाकर बिजली की सुविधा उपलब्ध की जाएगी।

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